Saturday, 12 September 2026
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एथनॉल मिश्रित ईंधन से कार हुई खराब, मारुति सुजुकी देगी नया कार: उपभोक्ता आयोग

संजय मिश्रा

रायपुर छत्तीसगढ़ के जिला उपभोक्ता आयोग ने ई20 (इथेनॉल-मिश्रित) पेट्रोल से खराब हुई कार पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आयोग ने मारुति सुजुकी और उसके डीलर को आदेश दिया है कि वे उपभोक्ता को उसी मॉडल का ई 20 पावर्ड नई कार दें । यह आदेश 45 दिनों के अंदर पूरा करना होगा अन्यथा वाहन की पूरी कीमत 20 लाख 50 हज़ार 494 रुपये लौटाने होंगे। इसके अलावा आयोग ने मानसिक प्रताड़ना के लिए एक लाख रुपये और मुक़दमे के ख़र्च के रूप में 10 हज़ार रूपया देने का भी आदेश दिया है ।

ज्ञात हो कि अभी देशभर में इथेनॉल मिश्रित ई20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िला उपभोक्ता आयोग का ये फैसला बहुत ही अहम है। मामला रायपुर निवासी डॉक्टर प्रेमराज देब्ता का है. उन्होंने जून 2024 में मारुति कंपनी की ग्रैंड विटारा आईईई स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस एसयूवी ख़रीदी थी. हालांकि, यह वाहन जनवरी 2023 में निर्मित हुआ था. वाहन में बार-बार तकनीकी ख़राबी आने के बाद उन्होंने रायपुर के ज़िला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी

डॉक्टर प्रेमराज देब्ता ने मीडिया को बताया कि, “एक शाम जब मैं अपने क्लिनिक से निकल रहा था, तभी मेरी गाड़ी अचानक बंद हो गई. उसे कंपनी के सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां बताया गया कि पेट्रोल में मिलावट है. ऐसा कई बार हुआ. बाद में हमने सरकारी प्रयोगशाला में जांच कराई, तो पता चला कि सफ़ेद दही जैसा जमा हुआ पदार्थ वास्तव में इथेनॉल था.” जांच रिपोर्ट के आधार पर जब डीलरशिप से शिकायत की गई, तो डीलरशिप ने यह कहते हुए ज़िम्मेदारी लेने से इनकार किया कि ख़राबी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण हुई है.”

नोटिस पर आयोग में पक्ष रखते हुए मारुति सुज़ुकी के डीलरशिप कहा, शिकायतकर्ता के वाहन में आई ख़राबी बाहरी कारकों के कारण हुई थी, जो किसी भी स्थिति में वॉरंटी के अंतर्गत नहीं आती.

सभी पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद ज़िला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अपने आदेश में कहा कि डॉक्टर प्रेमराज देब्ता ने 3 जून 2024 को जो वाहन ख़रीदा था, उसका इंजन 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) पर चलने के लिए उपयुक्त नहीं था.

शिकायत संख्या DC/387/CC/91/2025 का निपटारा करते हुए 14 जुलाई 2026 को जिला उपभोक्ता आयोग रायपुर छत्तीसगढ़ ने कहा कि – वाहन जनवरी 2023 में निर्मित हुआ था और उसका इंजन ई20 पेट्रोल पावर्ड नहीं था.

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता ने बार-बार ईंधन बदलकर, पेट्रोल टैंक की सफ़ाई कराकर और नया पेट्रोल डलवाकर वाहन को चलाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कार बार-बार बंद होती रही. लगातार तकनीकी ख़राबी के कारण वाहन को कई बार सर्विस सेंटर ले जाना पड़ा.

आयोग ने अपने फ़ैसले में यह भी कहा कि आधुनिक वाहनों में ईंधन की गुणवत्ता और उसकी अनुकूलता एक अहम विषय है. अगर निर्माता या विक्रेता उपभोक्ता को वाहन की ईंधन अनुकूलता और उससे जुड़े आवश्यक तथ्यों की स्पष्ट जानकारी देने में विफल रहते हैं और बाद में उसी कारण वाहन में तकनीकी ख़राबी आती है, तो इसे सेवा में कमी माना जाएगा.