चण्डीगढ़ : पंजाब विवि के रशियन विभागाध्यक्ष रहे डॉ. पंकज मालवीय द्वारा अनुदित तीन पुस्तकों — डॉ. राजेंद्र कुमार कनौजिया के काव्य-संग्रह ‘एक टुकड़ा चाँद का’, सुभाष भास्कर के कथा-संग्रह ‘सकारात्मक सोच’ एवं स्वयं डॉ. पंकज मालवीय के कथा-संग्रह ‘गेट वेल सून’ के क्रमशः रूसी भाषा में हुए अनुवाद: ‘अस्कोलक लूनी’, ‘पॉज़ित्यिवनय मिश्लेनिये’ तथा ‘विज़्दराव्लिवाइत्ये स्कर्ये’ एवं डॉ. रंजना सक्सेना और डॉ. सोनू सैनी द्वारा रूसी लोक कथाओं के अनुवाद का लोकार्पण नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के रूसी सांस्कृतिक केंद्र में संपन्न हुआ।
यह गरिमामय अनुष्ठान ‘स्कूल ऑफ़ रशियन स्टडीज़’ (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय), ‘युवा अनुवादकों का स्कूल’ (मास्को) तथा ‘रूसी सांस्कृतिक केंद्र’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस समारोह में मूल सर्जकों, अनुवादकों तथा प्रकाशकों के मध्य अनुवाद की कला, विधा और उनके प्रकाशन से जुड़े विभिन्न आयामों पर गहन वैचारिक विमर्श हुआ।
इस अवसर पर रूसी सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली की सकारात्मक भूमिका एवं बहुमूल्य योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की गई तथा यह दृढ़ आशा व्यक्त की गई कि इन अनुवादों के माध्यम से भारत और रूस के मध्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ तथा सुदृढ़ होंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय साहित्य अकादमी (नई दिल्ली) के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने अकादमी की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। रूसी सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक अलेक्ज़ान्द्र ददोनव ने भारतीय लेखकों और कवियों की उत्कृष्ट कृतियों के डॉ. पंकज मालवीय, डॉ. रंजना सक्सेना और डॉ. सोनू सैनी द्वारा किए गए सराहनीय अनुवाद की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र की रूसी भाषा शैक्षणिक प्रभाग की प्रमुख सुश्री डॉ. इलेना श्लोगर ने की, जबकि संचालन का दायित्व डॉ. सोनू सैनी ने निभाया।
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पंजाब विवि के पूर्व रशियन विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज मालवीय द्वारा रशियन में अनुदित तीन पुस्तकों का विमोचन