ENGLISH HINDI Thursday, July 02, 2020
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कविताएँ
श्रापित

आदमी इन्सानियत के
नजदीक हो गया

कुदरत की क्यारी

कुदरत की क्यारी में इतने बहुमूल्य दृश्य, प्राणी और तरह-तरह के रंगीन नज़ारे है जिनको अगर कुदरत की गोद में बैठकर महसूस किया जाए तो शायद इंसान जान पाएगा कि कुदरत अपने आप में एक करिश्मा है और हम इतने सौभग्यशाली है कि इंसान होकर इन सब का आनंद ले सकते है. नदी, झील झरने, कोयल, तितलियां, फूलों की क्यारियां, ऊंचे-ऊँचे पर्वतों को देख मन प्रफुल्लित हो जाता है. फिर घने जंगलों में रहते वन्य जीव भी प्रकृति पर ही निर्भर है. इंसान को ये देख कर ही समझ लेना चाहिए कि पेड़ों पर रस-रसीले और खट्टे मीठे फल कैसे उग आते है? उनमें इतनी मीठा रस कैसे घुलता है. यह सब एक तरह से रहस्य है क्योंकि यह सब कुदरत की क्यारी का हिस्सा है.