कविताएँ

पुलवामा-शहादत ना भूलेंगे

February 16, 2019 05:37 PM

पुलवामा में हमला करके, तुझको लाज नही आई

लिपट तिरंगे में शहीद ने, अमर शहादत हैं पाई।

हिंदुस्तानी हर एक घर से, गर्जना सिंह की आएगी
वीर बाँकुरे सैनिकों की, शहादत न जाया जाएगी।

सीना चौड़ा करके तुझको, फिर से धूल चटा देंगे
एक दिन विश्व पटल से तेरा, नामो निशा मिटा देंगे।

प्यार-प्रेम की भाषा तुझको, बहुत हो गया सिखलाना
धूल चटा देंगे तुझको, होगा तुझको पछताना।

देश की खातिर देकर जान, शहीद का दर्जा पाया है
मेरे जवान को कंधा देने, गृह मंत्री आया है ।

कीड़े-मकोड़े ढूंढ ना पाए, ऐसी मौत तुझे देंगे
नस्ल मिटा देंगे तेरी, गहरी चोट तुझे देंगे ।

भूल गया सर्जिकल स्ट्राइक, घर में घुसकर मारा था
दहाड़ शेर की करके हमने, तुझको ही ललकारा था।

मेरे देश का कोई नौजवां, मौन नहीं अब बैठेगा
घुटनों तले दबा कर तुझको, सीने में गोली ठोकेगा।

चूक हुई है जिस चौकी पर, बक्से ना वो भी जाएंगे
गद्दारों को फांसी देकर, उनको सजा दिलाएंगे।

— अरविंद भारद्वाज

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