Tuesday, 14 April 2026
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साध्वी ऋतंभरा जी का जीवन त्याग, तपस्या और अटूट संकल्प का प्रतीक : नायब सिंह सैनी

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श्रीराम रसा अमृत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री और धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी, मुख्यमंत्री ने 21 लाख देने की घोषणा की 

 फेस2न्यूज/चंडीगढ़ 

श्रीराम रसा अमृत कथा के दूसरे दिन  बुधवार हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अपनी धर्मपत्नी एवं हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन सैनी के साथ कथा श्रवण करने नारायणगढ़ की अनाज मंडी में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया और कहा कि यह  दिन अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक है, क्योंकि आज गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने तीन सिद्धांत बताए — नाम जपना, कीरत करना और वंड छकना — अर्थात् ईश्वर का स्मरण करना, ईमानदारी से कमाना और अपनी कमाई में से जरूरतमंदों के साथ बांटना। उन्होंने कहा कि आज इस शुभ अवसर पर हम सभी को गुरु नानक देव जी के इन उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह गर्व का विषय है कि उनके गृह क्षेत्र नारायणगढ़ में पद्मभूषण अलंकृत वात्सल्य मूर्ति पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी तीन दिवसीय श्रीराम रसा अमृत कथा का वाचन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दीदी मां के आगमन से नारायणगढ़ की धरती धन्य हो गई है। दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी का जीवन त्याग, तपस्या और अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने अपना जीवन सनातन धर्म और समाज सेवा को समर्पित किया है। उनकी वाणी में एक अद्भुत जोश और प्रेरणा है जो लाखों श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती है

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दीदी मां की प्रेरणा से ही वृंदावन में ‘वात्सल्य ग्राम’ जैसी मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत व्यवस्था साकार हुई है, जहां अनाथ बच्चों, निराश्रित माताओं और वृद्धजनों को ममता, शिक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि यह प्रेरणा दर्शाती है कि “धरती पर कोई अनाथ नहीं होना चाहिए।”

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने श्री सनातन जागरण मंच नारायणगढ़ द्वारा इस धार्मिक आयोजन की प्रशंसा करते हुए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की और आयोजन समिति की सराहना की।

*दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी का प्रवचन*

दीदी मां ने सभी को गुरु पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “गुरु नानक देव जी ने एक ओंकार का संदेश दिया — नाम भले ही अलग-अलग हों, भगवान एक ही है।” उन्होंने कहा कि “सूरज के प्रकाश से जैसे जगत प्रकाशित होता है, वैसे ही सतगुरु के प्रकट होने से अंतःकरण प्रकाशित होता है।”

दीदी मां ने कहा कि “मनुष्य का शरीर मिलना बहुत भाग्य की बात है, वैसे ही सत्संग मिलना भी परम सौभाग्य की बात है। रामचरित मानस वह दर्पण है जो मन के विकारों को दिखाता है।”

दीदी मां ने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि “हम भाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म भारत जैसी पुण्यभूमि पर हुआ है, जहां समय-समय पर भगवान ने अवतार लेकर मानवता को मार्ग दिखाया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री कंवर पाल गुर्जर, उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।