Sunday, 30 August 2026
Breaking News
ना खाऊंगा ना खाने दूँगा, क्या ये नियम सिर्फ विपक्षियों के लिए है, मित्रों के लिए नहीं ? उत्तराखंड भ्रातृ संगठन, दरिया 3 सितंबर को मनाएगा भव्य श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव यूटी पुलिस के इंस्पेक्टर राजीव कुमार के बेटे ने फिर लहराया परचम : कैपजेमिनी एआई हैकाथॉन में विजेता का खिताब हासिल किया चण्डीगढ़ स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आशियाना की बेटियों ने लहराया परचम, जीते 25 पदक रोना भी ज़रूरी है जिंदगी के लिए......... ब्रह्मकुमारी बहनों ने सीमा पर प्रहरियों को राखी बांधी  लग्जरी कार में चंडीगढ़ से शराब भरकर ला रहे तस्कर काबू विभिन्न केसों में सजा भुगत रहे कैदियों एवं हवालातियों को राखी बांधने जेल पहुंची उनकी बहनें विश्व कप हॉकी: भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास विश्व शांति हेतु एक दिवसीय 11 कुंडीय महारूद्र यज्ञ किया 
पंजाब Trending

वरिष्ठ पत्रकार जगीर सिंह जगतार का निधन

Read in:Hindi

बेटी डॉक्टर संकेत कौर ने दी मुखाग्नि, सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने किए श्रद्धासुमन भेंट

(MOREPIC1) अखिलेश बंसल, बरनाला 

वरिष्ठ पत्रकार तथा साहित्यकारों एवम लेखकों की जन्मभूमि बरनाला की मां कहे जाते जगीर सिंह जगतार का मंगलवार की सुबह निधन हो गया। वह पिछले लंबे समय से शारीरिक तौर पर अस्वस्थ चल रहे थे। उनका संस्कार बरनाला के रामबाग शमशानघाट में साएं 5 बजे किया गया। मुखाग्नि बेटी डॉक्टर संकेत कौर ने दी और सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रद्धासुमन भेंट किए।

लेखकों को दिया प्लेटफार्म

गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार जगीर सिंह जगतार ने लेख, स्टोरीज और पत्रकारिता का सफर स्कूली शिक्षा ग्रहण करते समय ही शुरू कर दिया था। लोकतांत्रिक विचारधारा के मद्देनजर उन्होंने नवां ज़माना, अकाली पत्रिका, पंजाबी ट्रिब्यून में अपनी सेवाएं अर्पित की। बरनाला के लेखकों साहित्यकारों कवियों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉम त्यार करके दिया। इसी कारण पत्रकार जगीर सिंह जगतार को लेखकों साहित्यकारों कवियों की मां के नाम से संबोधन किया जाने लगा। उसी प्लेटफार्म पर बैठ सैंकड़ों लेखकों और पत्रकारों को उज्जवल भविष्य मिल सका।

राजनेता थे कलम के मुरीद

स्वर्गवासी भूतपूर्व राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला, पूर्व मंत्री गोबिंद सिंह कांझला, पूर्व मंत्री पंडित सोम दत्त समेत अनेक राजनीतिक लोग पत्रकार जगीर सिंह जगतार की कलम के मुरीद रहे हैं।

भगत सिंह का स्टेच्यू किया था स्थापित

(MOREPIC2)(SUBHEAD) बरनाला के मुख्यबाजार में साल 2023 के आखिरी महीने तक कायम रहे शहीद भगत सिंह जी का स्टेच्यू लोकतांत्रिक विचारधारक जगीर सिंह जगतार ने अपने साथी प्रोफेसर प्रीतम सिंह राही के साथ मिलकर स्थापित किया था। जो इस साल की शुरुआत होते ही नवीनीकरण की भेंट चढ़ गया।

नम आंखों से विदाई

उनके संस्कार के वक्त रामबाग कमेटी के मुख्य प्रतिनिधि भारत मोदी, बरनाला के विभिन्न प्रेस क्लब प्रतिनिधी, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष संजीव शोरी, लेखिका डॉक्टर तरसपाल कौर, आईटीओ अमरजीत खिप्पल, गौशाला के प्रतिनिधि एडवोकेट प्रदीप गोयल समेत बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धासुमन भेंट किए।