Sunday, 26 July 2026
Breaking News
सप्त शक्ति कमांड में मनाया गया कारगिल विजय क्या अब धर्मपुर में भी किसी की जान जाने का इंतज़ार है? टी.एस.एम. स्पोर्ट्स चंडीगढ़ विजयी और रनर-अप करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज से महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट वरिष्ठ नागरिक ने गमाडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अनियमितताओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की एनडीपीएस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आरोपी को नियमित जमानत असम में भूमि आंदोलन पर कार्रवाई की गूंज दुनिया तक आगरा में गूंजेगा सामाजिक न्याय का स्वर, छत्रपति शाहूजी महाराज जयंती पर जुटेंगे देशभर के प्रबुद्धजन: राजबीर सिंह भारतीय 25 जुलाई को दिल्ली में शहीद ऊधम सिंह जी की आदमकद प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल होने की तैयारियां जोरों पर बरनाला के पास बदमाशों द्वारा फायरिंग, 2 शूटर काबू
पंजाब Trending

आरबीआइ को कर्ज़े की पेशकश करने वाली कानूनी ऐप्स की सूची जल्द तैयार और सांझा करने के आदेश

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ ने ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और ग़ैर-संगठित संस्थाओं संबंधी राज्य स्तरीय तालमेल कमेटी की 18वीं मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग का संचालन भारतीय रिज़र्व बैंक ( आर. बी. आई.) चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निर्देशक श्री एम. के. मल्ल ने किया।
मीटिंग दौरान रिज़र्व बैंक की तरफ से गई रेगुलेटरी और नीतिगत पहलकदमियों, निवेशकों/ जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रोग्रामों और इस तरह के अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अनरैगूलेटिड डिपॉजिट स्कीमज़ एक्ट, 2019 के व्यापक प्रचार पर ज़ोर दिया जिससे पंजाब के सभी नागरिकों को उक्त एक्ट संबंधी जागरूक किया जा सके और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को इस एक्ट के उपबंधों की पालना करने के निर्देश दिए जा सकें। जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अनियंत्रित जमा योजनाओं को रोकने के लिए यह एक्ट बहुत कारगर है।
इसके इलावा, डिजिटल कर्ज़ देने संबंधी कार्य समूह की सिफ़ारिशों पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने लोगों को कर्ज़े की पेशकश करने वाले ग़ैर-कानूनी लोन ऐपस के बढ़ रहे मामलों पर चिंता ज़ाहिर की। इस मुद्दे पर क्षेत्रीय निर्देशक आरबीआइ ने केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री की अध्यक्षता अधीन हुई मीटिंग संबंधी अवगत करवाया जिसमें आरबीआइ को सभी कानूनी ऐपों की एक सूची (वाईटलिस्ट) तैयार करने के लिए कहा गया है और यह यकीनी बनाया जायेगा कि सिर्फ़ यह ‘‘वाईटलिस्ट’’ सूची वाले एप ही एप स्टोरों पर उपलब्ध हों। मुख्य सचिव ने आरबीआइ को ऐसी कानूनी ऐपस की सूची जल्दी से जल्दी तैयार करने और सांझा करने के लिए कहा जिससे आम लोगों को किसी भी ग़ैर-कानूनी लोन ऐपस का शिकार होने से बचाया जा सके।
क्षेत्रीय निर्देशक, आरबीआइ ने बेईमान संस्थाओं को आम लोगों को धोखा देने से रोकने के लिए रैगूलेटरों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने मीटिंग के दौरान आरबीआइ के ’सचेत पोर्टल’ की उपयोगिता संबंधी भी अवगत करवाया जो आम लोगों की तरफ से शिकायतें दर्ज करने के साथ-साथ अहम जानकारियों को सांझा करने की सुविधा देता है।