Monday, 12 October 2026
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बागवानी योजना सिर्फ फाइलों में, खस्ताहाल हुए नेचर पार्क

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जीरकपुर, कृतिका:
वीआईपी जिले के शहर जीरकपुर में आधा दर्जन से अधिक पार्कों की लगातार खस्ता होती हालत को देखते हुए नगर काउंसिल की ओर से बागवानी विभाग की स्थापना करने का फैसला लिया गया था। वहीं, इस परियोजना को लागू करवाने में काउंसिल के अधिकारियों ने एडी- चोटी का जोर लगाते हुए प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन भेजे गए प्रस्ताव को पंजाब सरकार ने मंजूरी प्रदान नहीं दी। दूसरी ओर पार्कों की खस्ता हालत के अलावा शहर के अलग- अलग हिस्सों में सड़क के बीचोंबीच पेड़ खड़े हैं, इनकी वजह से लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं । जानकारी अनुसार शहर के वातावरण को हराभरा करने के लिए नगर काउंसिल की ओर से बागवानी विभाग बनाने का फैसला लिया गया था। दरअसल यह फैसला नगर काउंसिल के अधीन पार्कों की दिन- प्रतिदिन होती खस्ता हालत और सड़क किनारे लगे पेड़ और पौधों की होती दुर्दशा को देखते हुए लिया गया। दूसरी ओर, बागवानी विभाग की स्थापना के लिए नगर काउंसिल के हाउस की ओर से मई, 2021 में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करते हुए पंजाब सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया। लेकिन नगर काउंसिल की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को डेढ़ साल से अधिक का समय बीत गया है, फिर भी अभी तक पंजाब सरकार से मंजूरी नहीं मिली।
शहर के अंदर आधा दर्जन से अधिक पार्क मौजूद हैं। इनमें नगर काउंसिल के अलावा जंगलात विभाग की जमीन पर बने हुए हैं। जबकि पार्कों की देखभाल का काम अभी काउंसिल के सिविल वर्क्स विभाग के अधिकारियों के पास है। पार्कों की देखभाल ठीक ढंग से नहीं हो पाती और खानापूर्ति के लिए सफाई कर्मियों को भेजकर सफाई करवाकर काम चलाया जाता है।
जानकारी के मुताबिक शहर के अंदर तीन नेचर पार्क के साथ छोटे- बड़े मिलाकर कुल आठ पार्क मौजूद हैं और अधिकारियों की अनदेखी के चलते पार्कों की हालत दिन- प्रतिदिन खस्ता हो जा रही है। आलम यह है कि बारिश के दिनों में पानी की उचित निकासी न होने के कारण पानी कई- कई दिन भरा रहता है। इस कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर, बागवानी विभाग में पार्कों की देखभाल का सारा काम इसमें तैनात अधिकारियों का होता है। इसके अलावा समय – समय पर वातावरण के मुताबिक पार्क में होने वाले छोटे- बड़े बदलाव करने का फैसला लेने का अधिकार होता है।

शहर में पार्कों की हालत खस्ता होते देख बागवानी विभाग बनाने का फैसला लिया था। इसके लिए बाकायदा हाउस की ओर से प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेजा था। लेकिन किन्हीं कारणों के चलते प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। जल्द ही अधिकारियों से बैठक करके प्रस्ताव दोबारा पंजाब सरकार को भेजा जाएगा, जिससे वातावरण को साफ- सुथरा किया जा सके।
– उदयवीर सिंह ढिल्लों , प्रधान , नगर काउंसिल , जीरकपुर

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