Wednesday, 19 August 2026
Breaking News
चंदन गुप्ता बनीं तीज क्वीन:  हरियाली तीज उत्सव में नारीशक्ति और परंपरा का दिखा संगम जागो ग्राहक जागो - ड्यूटी पर जाते या आते समय रास्ते में दुर्घटना तो मुआवजा के लिए कंपनी जिम्मेवार, सुप्रीम कोर्ट संस्मरण: आज 67 साल का हो गया मेरा कॉलेज! काज़ीरंगा होटल परियोजना का विरोध कर रहे प्रणब डोले को जमानत के बाद NSA हिरासत, उठे सवाल ऐ मेरे प्यारे वतन... आउटसोर्स कर्मचारियों की जॉब सिक्योर पॉलिसी पर स्वास्थ्य मंत्रालय का चण्डीगढ़ प्रशासन को पत्र आयुर्वेद के पुनर्जागरण से नई पीढ़ी जुड़े: गुलाब चंद कटारिया जीएमसीएच-32 का चंडीगढ़ मॉडल बुजुर्गों में डिजिटल स्वास्थ्य साक्षरता को  दे रहा है बढ़ावा “विरसा पंजाब दा” तीज समारोह में सना बनी तीज क्वीन, माही और शिल्पा ने भी जीते खिताब स्वतंत्रता दिवस पर एरोफ्लाई इंटरनेशनल एविएशन अकादमी में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन
चर्चा Trending

सिद्धपीठ सालासर बालाजी मंदिर का 271वां स्थापना दिवस मनाया

Read in:Hindi

(MOREPIC1)दीपक सिंह /चंडीगढ़ 

सिद्धपीठ सालासर बालाजी मंदिर का 271वां स्थापना दिवस मनाया गया। स्थापना के शुभ दिवस पर चंडीगढ़ से समाजसेवी श्री करण वासुदेव राजस्थान श्री सालासर धाम पहुंचे। वहां पहुंचकर सबसे पहले उन्होंने माथा टेका और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया।

सालासर धाम के पुजारी रोहित जी ने करण वासुदेव को सरोपा पहनाकर सम्मानित किया। पुजारी ने बताया की लगभग 275 साल पहले , संवत 1811 (सन 1754) की श्रावण शुक्ल नवमी को, नागौर जिले के आसोटा गाँव में भगवान बालाजी की मूर्ति प्रकट हुई थी। तभी से इस दिन को विशेष रूप से मनाया जाता है।

श्री सालासर धाम के प्रधान राकेश जगोता जी ने बताया कि संवत 1811 सावन शुक्ला नवमी को संत शिरोमणि मोहनदास महाराज ने मंदिर की स्थापना की थी। तब से स्थापना दिवस पर होने वाले समारोह में मंदिर मे श्रद्धालुओं की भीड़ होती है। सालासर धाम के महासचिव नीरज चौधरी ने बताया कि स्थापना दिवस पर बालाजी महाराज का चोला बदला गया है और साथ मंदिर के गर्भ गृह मे स्थित अन्य भगवान की पोशाक भी बदली गई।

करण वासुदेव ने कहा कि भक्तगण दूर-दूर से सालासर बालाजी मंदिर में आकर इस पवित्र अवसर का हिस्सा बनते है और उनके सभी बिगड़े काम बनते है।