Tuesday, 06 October 2026
Breaking News
पुलिस वाले ने लड़की छेड़ी, क्या बड़ी बात है? प्राचीन कला केंद्र में कवियों ने बटोरी वाह वाही डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश से अपनाकर सुशासन की दिशा में अग्रसर हिमाचल प्रदेश रामलीला मंचन एवं दशहरा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हनुमान चालीसा के पाठ से मिली शक्ति, 174 जिंदगियों की बनी ढाल प्रगति की अंधी दौड़ और दम तोड़ती प्रकृति आईएसबी और मैक्स इंडिया फाउंडेशन ने भारत में सीनियर केयर पर रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए शुरू की ‘स्केल’ पहल स्वास्थ्य और लोकतंत्र के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना: जीसीसीबीए में विशेष एनएसएस शिविर का प्रभावशाली सफर जारी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के छात्रों ने पंजाब यूनिवर्सिटी की "हार्मनी इन डाइवर्सिटी" प्रतियोगिता में संस्थान का नाम किया रोशन एमडीआर के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान वापस, वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद व्यापारिक संगठनों ने लिया निर्णय: हरीश गर्ग
चंडीगढ़ Trending

आपातकाल का नाटकीय संसद का बाखूबी मंचन

Read in:Hindi

(MOREPIC1) (MOREPIC2) सरगुन-सरोज /चंडीगढ़

व्हाइट फाउंडेशन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से शुक्रवार “आपातकाल का नाटकीय संसद ” शीर्षक द्वारा देश में आपातकाल के समय फैली अराजकता को मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर 18 स्थित टैगोर थिएटर में किया गया, जिसमें राज्यसभा की सांसद, तथा भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा की महासचिव इंदु बाला गोस्वामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुभ शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई, जिसमें मुख्य अतिथि के साथ-साथ चंडीगढ़ महिला मोर्चा की अध्यक्ष हीरा नेगी, प्रदेश महामंत्री भाजपा रामवीर भटटी , सचिव रूची शेखरी, तथा विमला दूबे उपस्थित रहीं।

शंकर स्कूल ऑफ म्यूजिक अकादमी के कलाकार भव्या शर्मा एवं सनिधा ने शिवा की भक्ति प्रस्तुति के माध्यम से भरतनाट्यम नृत्य द्वारा कार्यक्रम का आरंभ किया।  

कार्यक्रम में चंडीगढ़ की सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा झेली गई पीड़ा को मंच पर दर्शाया गया। बहनों ने पक्ष और विपक्ष की संसद सदस्य बनकर 25 जून 1975 को थोपे गए आपातकाल के समय पर जोरदार चर्चा की। इस नाटकीय संसद में लोकसभा की अध्यक्षता श्रीमती निशा शर्मा ने की। पक्ष की ओर से कलाकारों में रीता नंदा, कमला भट्ट, मिनाक्षी सिंह, रितु सूद, रिद्धि सोनी, पंकज राणा, स्वीता कटारिया, ज्योति हंस एवं नीना पुंडीर शामिल थीं:

विपक्ष की ओर से भूमिकाएं रूबी गुप्ता, अनुपन्ना सेनी, नीता, नीलम शाह, विना कुमार, वा, हरविंदर कौर ने निभाई।मंच का संचालन अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी सरगुन अरोड़ा ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि इंदु बाला गोस्वामी ने आपातकाल पर बोलते हुए कहा कि भारत के महान लोकतांत्रिक इतिहास पर काला अध्याय 25 जून 1975 को थोपा गया था। वह समय ऐसा था जब सत्ता के खिलाफ उठती हर आवाज को कुचला गया। मगर देश के नागरिक चुप नहीं बैठे — किसी ने जेलें काटीं, तो कोई अंडरग्राउंड होकर संघर्ष करता रहा।

इंदु बाला जी ने सभी महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि नाटक के माध्यम से आपातकाल की स्थिति को बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं और वह दिन दूर नहीं जब प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं अग्रणी भूमिका में होंगी।

प्रदेश अध्यक्ष भाजपा जतिंदर पाल मल्होत्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की तरह ऊर्जावान होकर कार्य करें और देश के विकास में योगदान दें। फर्मीला ने सभी का धन्यवाद किया. व्हाइट फाउंडेशन वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष मीना चड्ढा की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज के हर वर्ग की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं।कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि ने सभी कलाकारों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। 

0 Comments