Tuesday, 20 October 2026
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हरियाणा सरकार में बुजुर्गों को पेंशन की टेंशन

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पंचकुला, संजय कुमार मिश्रा:

वैसे तो हरियाणा सरकार द्वारा अपने बुजुर्गो को सम्मान देने की बात कही जाती है और इसके लिए बुजुर्गो को दिया जाने वाला 2500 रुपए मासिक का बुढ़ापा पेंशन पूरे देश में सबसे अधिक है, लेकिन जब से हरियाणा परिवार पहचान पत्र योजना बनाई गई है तब से यहां के बुजुर्गो को पेंशन की टेंशन हो गई है।

परिवार की आय अगर दो लाख से ज्यादा है और बुढ़ापा पेंशन ले रहे हैं तो परिवार पहचान पत्र पेंशन के साथ अपडेट होने के बाद ही तकनीकी ब्रांच से बुजुर्गो कि पेंशन बंद होने लगी है जिस कारण बुजुर्ग परेशान है।

अनौपचारिक रूप से अधिकारी भी ये ही कारण मान रहे है लेकिन अभी तक कोई आंकड़ा या पत्र जारी न होने के कारण अधिकारी खुलकर नहीं बोल रहे है।

पेंशन के लिए ये शर्तें हैं जरूरी:

– परिवार की आय 2 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
– पेंशन के लिए उम्र 60 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
– आवेदक हरियाणा का निवासी होना चाहिए और अपने वर्तमान पते पर पिछले पांच सालों से निवास कर रहा हो।
– आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र में पात्र का नाम दर्ज होना चाहिए।

और यहीं से शुरु होती है टेंशन। अगर आवेदक के फेमिली आईडी में गलती से परिवार की आय 2 लाख रुपए से ज्यादा लिखी चली गई और उसे पोर्टल पर तकनीकी वजह से सुधार नहीं कर पा रहे हैं तो फौरन बंद हो जाएगी आपकी पैंशन।
यही नहीं उम्र प्रमाण के रूप में आपसे 15 साल पुराना वोटर कार्ड की मांग की जाती है। अगर गलती से कभी बीच में आपका नाम वोटर लिस्ट से कट गया और आपने पुनः आवेदन करके हाल फिलहाल में अपना वोटर कार्ड बनवाया है तो विभाग इसे उम्र प्रमाण के रूप में स्वीकार ही नही करेगा।

अब विभाग को कौन समझाए कि वोटर कार्ड चाहे आज की तारीख में बना हो या 15 साल पुराने, व्यक्ति की जन्मतिथि तो वही रहेगी, वो तो ना बदलेगी चाहे वोटर कार्ड में देख लो चाहे पैन कार्ड में, चाहे आधार कार्ड में या ड्राइविंग लाइसेंस में, हां अगर कोई ना कोई बहाना बनाकर बुजुर्गो को परेशान ही करना है तो फिर बात ही अलग है, अन्यथा आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या एक साल पुराना वोटर कार्ड में वर्णित जन्म तिथि स्वीकार्य क्यों नहीं है? सिर्फ 15 साल पुराना वोटर कार्ड में वर्णीत जन्म तिथि ही पेंशन के लिए स्वीकार्य क्यों है? इसका कोई जवाब विभाग के अधिकारी के पास नहीं है।

पंचकूला के जिला समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने एक बुजुर्ग के पेंशन आवेदन को अभी फरवरी में वापस करते हुए कहा कि आपके पास तहसीलदार का बनाया हुआ निवास प्रमाणपत्र है, पैन कार्ड भी है, आधार कार्ड भी है, लेकिन आपका वोटर कार्ड 15 साल पुराना नहीं है जिस कारण उसमें दर्ज आपकी जन्मतिथि विभाग को स्वीकार्य नहीं है। आपका उम्र प्रमाण के लिए मेडिकल जांच अप्रैल में करवाया जायेगा, उनकी रिपोर्ट से ही आपकी उम्र जानी जाएगी फिर आपके पेंशन आवेदन पर विचार होगा। अब 62 साल के इस बुजुर्ग को पेंशन के लिए मामूली तीन चार महीने और इंतजार करना होगा।

कोरोना के कारण नहीं लग रहे मेडिकल कैंप:

जिन लोगों के पास आय का कोई प्रमाण नहीं है और उनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा हो चुकी है। उनकी आय के परीक्षण के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं। जिसमें डाक्टर शारीरिक अवस्था देखकर उनकी उम्र का परीक्षण करते हैं। लेकिन कुछ ही जिलों में ये मेडिकल कैंप लग रहे हैं। जींद व कुछ अन्य जिलों में कोरोना के कारण काफी समय से कैंप नहीं लग पा रहे।

पात्र होने के बावजूद नहीं लग रही है पेंशन:

बहुत से बुजुर्गों की उम्र 60 से 65 साल तक हो चुकी है। लेकिन उनके पास उम्र का कोई प्रमाण नहीं होने के कारण पेंशन नहीं बन पाई। जींद जिले के शामलो कलां गांव के प्रेम जो 65 साल से भी ज्यादा उम्र के हैं। अविवाहित हैं और पढ़े-लिखे भी नहीं हैं। जिसके चलते उनके पास उम्र का कोई प्रमाण नहीं है। आज तक उनकी पेंशन नहीं बनी है। बुजुर्ग उम्र के प्रमाण के लिए मेडिकल कैंप जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूप‍िंदर स‍िंह हुड्डा ने हर‍ियाणा की बीजेपी-जेजेपी सरकार पर न‍िशाना साधते हुए 6 फरवरी को कहा था क‍ि हजारों बुजुर्गों की पेंशन फैम‍िली आईडी से ल‍िंक कर काट दी गई है और हजारों की काटने की तैयारी की जा रही है।
इसपर सफाई देते हुए हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन बंद करने की बात को बेबुन‍ियाद बताया है। साथ ही, कहा है कि जिन्हें अभी पेंशन नहीं मिली है एक-दो दिन में उनके खातों में पेंशन का पैसा आने लग जाएगा।

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