Wednesday, 30 September 2026
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राजस्व अधिकारी आंख मूंद कर करते हैं काम, विधवा के आय प्रमाण पत्र का आवेदन चार बार किया खारिज

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संजय मिश्रा

(MOREPIC1)चंडीगढ़: हरियाणा में अधिकारी आँख बंद करके काम करते है और बिना सर पैर वाली कारण बता कर सरल पोर्टल पर आवेदन ख़ारिज कर देते है . सेक्टर 19 पंचकुला में रहने वाली एक विधवा का इनकम आवेदन राजस्व अधिकारीयों के द्वारा चार बार ख़ारिज किया गया वो भी ऐसे ऐसे कारण लिख कर जिसका कोई औचित्य ही नहीं है .

निवेदिता रॉउट ने अपनी एकमात्र बच्ची के स्कूल में आय प्रमाण पत्र देने के लिए सरल पोर्टल पर 12-5-22 को आय प्रमाणपत्र अप्लाई किया, जिसे अधिकारी ने 19 मई को रिजेक्ट कर दिया कि इन्कम वेरिफाइड नहीं है। जबकि संलग्न फोटो में साफ दिख रहा है की फैमिली आईडी की इन्कम को लोकल कमेटी ने वेरिफाई कर दिया हुआ है।

20-5-22 को वार्ड पार्षद से इन्कम आवेदन को वेरिफाई करवाकर आय प्रमाणपत्र पुनः सरल पोर्टल पर अप्लाई किया गया, इसे भी अधिकारी ने 24 मई को रिजेक्ट कर दिया कि – इन्कम वेरिफाइड नहीं है।

26-5-22 को वार्ड पार्षद के साथ जेड टी ओ, नगर निगम पंचकुला से भी इन्कम आवेदन को वेरिफाई करवाकर आय प्रमाणपत्र पुनः अप्लाई किया गया, इसे भी अधिकारी ने 27 मई को रिजेक्ट कर दिया कि – आवेदन को सही से स्कैन नहीं किया गया है.(SUBHEAD)

26 मई वाला दो ऑफिसर का सत्यापित किया हुआ (पार्षद एवं जेड टी ओ) इनकम आवेदन को पुनः 31 मई को स्कैन करके सरल पोर्टल पर अपलोड किया गया, इसे भी अधिकारी ने 1 जून को रिजेक्ट कर दिया, कारण लिखा कि – वेरीफायर का नाम सिलेक्ट नहीं किया गया है।

ज्ञात हो कि सरल पोर्टल पर अभी आय प्रमाण पत्र अप्लाई करने के समय सिर्फ ये पूछा जाता है कि – क्या फॉर्म वेरिफाइड है? जिसे हां या ना में बताना होता है और फिर वेरिफाइड फार्म को अपलोड करके फ़ीस का भुगतान कर आवेदन फाइल हो जाता है। चूंकि सरकार ने ही जब वेरीफायर का नाम सिलेक्ट करने का प्रावधान सरल पोर्टल से हटा दिया है (जैसा की संलग्न वीडियो में भी बताया जा रहा है) तो फिर अधिकारी इस बहाने से आय प्रमाण पत्र का आवेदन क्यों रिजेक्ट कर रहे है ?

https://youtu.be/JGXWKcZB3Ks

ध्यान देने वाली बात ये है कि उपरोक्त वीडियो yutube पर अप्रैल 2022 में अपलोड की गई है और अधिकारी मई 2022 में भी इस अपडेट से अनजान है और आवेदन को बस आँख बंद कर ख़ारिज कर रहे हैं .

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में ये साबित होता है कि अधिकारी द्वारा इनकम आवेदन खारिज करना कुछ और नहीं बल्कि ये साबित करता है की ये अधिकारी सिर्फ अपनी आंख बंद करके काम कर रहे हैं और वो जनता को सुविधा देने के लिए नहीं बल्कि असुविधा देने के लिए काम कर रहे हैं और कृतसंकल्प है।

क्या कहना है दीन मोहम्मद का
पंचकुला के सी एस सी संचालक दीन मोहम्मद बताते है कि, इन्कम प्रमाण पत्रों को लोग अपनी जरूरतों को पूरी करने के लिए जल्दी से जल्दी बनवाना चाहते हैं और लोगों के अंदर यह भावना भी है कि अब हर कार्य कंप्यूटर तथा ऑनलाइन किया जा रहा है तो ये जल्दी बन जायेगा लेकिन लोगों के प्रमाण पत्र समय पर नहीं पहुंचते है . वो बताते हैं कि एक सर्टिफिकेट को बनवाने के लिए वो लगभग 1 महीने से अधिक समय से जद्दोजहद कर रहे हैं . अधिकारी किसी कारणवश किसी फाइल को आपत्ति लगानी पड़ती है उसके लिए भी है काफी समय लगा देते हैं फिर उस ऑब्जेक्शन को ठीक करने के लिए लोगों को पटवारी इत्यादि कर्मचारी अधिकारियों के पास जाना पड़ता है। उसके पश्चात फिर प्रतीक्षा में रहते हैं कि कब हमारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा और इस बारे में मैंने site के ऊपर शिकायत भी की परंतु कार्रवाई जीरो है कोई सुनता ही नहीं है और यदि हम saral site वालों से पूछते हैं कि इस प्रमाण पत्र कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई तब हमें सरल site वालों से जवाब मिलता है कि किसी भी एप्लीकेशन को पूर्ण होने के लिए 40 दिन का समय होता है इससे पहले कुछ नहीं हो सकता। जिसका मैंने यह वर्णन बताया है यह भी एक विधवा है जिसने फरवरी महीने में विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के लिए फार्म भरा था परंतु अभी तक कार्रवाई संबंधित विभाग की ओर से ढीली चल रही है।