Tuesday, 13 October 2026
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विश्वकर्मा समाज, चंडीगढ़ के शंकराचार्य, जगतगुरू की उपाधि से विभूषित

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चंडीगढ़ (आर के शर्मा)  

विश्वकर्मा समाज, चंडीगढ़ के शंकराचार्य व सेक्टर 36 स्थित प्राचीन गुग्गा माड़ी मंदिर/लखदाता पीर के संचालक जयकृष्ण नाथ जी को जगतगुरू की उपाधि से विभूषित किया गया है। यह उपाधि उन्हें एसोशियेशन शनि देव पुर्तगाल लिसबन आश्रम, नई दिल्ली द्वारा संचालित सूर्यवंशी अंतर्राष्ट्रीय अखाड़ा के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर दविन्द्र स्वामी सूर्यवंशी द्वारा दी गई है।(SUBHEAD)

इस अवसर पर जानकारी देते हुए सेक्टर 36 स्थित प्राचीन गुग्गा माड़ी मंदिर/लखदाता पीर तथा विश्वकर्मा समाज, चंडीगढ़ महिला महामंडलेश्वर व महंत साध्वी सुरेन्द्रा देवी ने बताया कि अंबाला में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य श्री जय कृष्ण नाथ जी उनकी कर्मनिष्ठा को देखते हुए जगतगुरू की उपाधि व सम्मान पत्र से विभूषित किया गया है।

उन्होंने बताया कि जगतगुरू जयकृष्ण नाथ जी अंतर्राष्ट्रीय विश्वकर्मा महाशक्ति पीठ ट्रस्ट के शंकराचार्य भी है जिन्होंने समाज भलाई के कार्यों को बेहद निष्ठा के साथ किया है। उन्हें जगतगुरू की उपाधि से देना गर्व की बात है।

इस अवसर पर जगतगुरू श्री जय कृष्ण नाथ जी ने कहा कि सूर्यवंशी अंतर्राष्ट्रीय अखाड़ा के नियमों से वे भली भांति परिचित है जिसका निर्वाह वे पहले की भांति पूरी निष्ठा के साथ करेंगे।

उन्होंने कहा कि वे शुद्ध, ज्ञान, कर्म, अध्यात्म, उपासना, भक्ति, तप, स्वाध्याय, श्रद्धा, प्रार्थना एवं कला कौशल से अखंड-प्रचंड, पुरूषार्थ परमार्थ सेवा व निष्काम दिव्य कर्म से इस अखाड़ा में कार्यरत होकर पूर्व शक्ति, सामथ्र्य व मनोयोग, साफ छवि के साधु संत, महात्मा एवं युवा वर्ग, नारी सशक्ति को अखाड़े से जोडक़र आगे बढ़ायेेंगे। उन्होंने बताया कि सूर्यवंशी अंतर्राष्ट्रीय अखाड़ा का लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाना और सनातन धर्म की रक्षा करना रहा है।

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