Tuesday, 13 October 2026
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जाली दस्तावेज़ों द्वारा बैंक कर्ज़ लेने के केस में वांछित दो महिलाएं गिरफ़्तार

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चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
विजीलैंस ब्यूरो पंजाब ने आज दो दोषी महिलाओं को गिरफ़्तार किया है जो साल 2017 में ब्यूरो की तरफ से दर्ज किये गए एक जालसाज़ी केस में वांछित थी और गिरफ़्तारी से बचने के लिए फ़रार (पी. ओ.) चलीं आ रही थीं।
जानकारी देते हुये आज विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी अनीता और अम्बिका, दोनों निवासी सुल्तानपुर लोधी, ज़िला कपूरथला को जनवरी 2021 को विजीलैंस थाना जालंधर में एफआईआर नंबर 05 तारीख़ 09. 03. 2017 के अंतर्गत पहले ही दर्ज एक मुकदमे में आइपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120- बी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13(1) और 13(2) के अधीन केस में अदालत की तरफ से पीओ करार दी गई थीं।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त दोषी महिलाएं सुल्तानपुर लोधी के पूर्व काऊंसलर तिलक राज की पत्नी और माता हैं। तिलक राज इस मामलो में 05- 02- 2018 में पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।
और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उक्त मुलजिम महिलाओं ने स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) की शाखा सुल्तानपुर लोधी और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभुगत करके जाली और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों पर क्रमवार 20 लाख और 28 लाख रुपए का कर्ज़ लिया था। उक्त दर्ज होने के बाद यह दोनों हाईकोर्ट से ज़मानत ख़ारिज होने के बाद 28- 08- 2018 से फ़रार थे।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि यह मामला विजीलैंस इन्कुआरी नंबर 12/ 2013 के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें मई 2013 से अप्रैल 2016 के समय के दौरान समकालीन दोषी मैनेजर सुलिन्दर सिंह और अन्यों की तरफ से जाली दस्तावेज़ों के आधार पर एस. बी. आई. से खेती कर्जों से सम्बन्धित के कुल 107 केस मंज़ूर किये गए थे जिसके द्वारा बैंक के साथ 15 करोड़ 83 लाख रुपए का गबन किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने पहले पड़ाव के दौरान 14 कर्ज़ों के मामलों की जांच की और इन मामलों में कुल 33 मुलजिमों को नामज़द किया गया। उन्होंने बताया कि अब तक 26 मुलजिमों को गिरफ़्तार किया जा चुका है और 7 मुलजिम अभी भी फ़रार चल रहे हैं जिनको जल्दी ही गिरफ़्तार कर लिया जायेगा।

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