Tuesday, 20 October 2026
Breaking News
चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कृष्ण बाल लीलाओं ने मोहा मन, इंद्रेश महाराज ने की अगले वर्ष नौ दिवसीय राम कथा की घोषणा भाजपा चंडीगढ़ के इंटेलेक्चुअल सेल ने लगाया फैदां में स्वास्थ्य शिविर आईएएस अधिकारी राकेश कुमार प्रजापति ने मुख्यमंत्री को भेंट किया अपना पहला उपन्यास ‘लाइटर दैन येस्टर्डे’  एनबीएफ ने दिव्यांजनो के साथ मिशन अपर्णा शक्ति के तहत मनाया नवरात्रि का पर्व “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की फर्जी ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी, खाते से तीन बार ₹5,115 कट गई सरगम सोसाइटी ऑफ इंडियन म्यूजिक एंड आर्ट ने  महफिल-ए-म्यूजिक" संगीत कार्यक्रम का किया आयोजन आम के बाग को बचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन जन्म लीला और ब्रज लीला के अलौकिक प्रसंगों से गूँजा पंडाल पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त चिकित्सकों को मेरिट के आधार पर मिलेगी नियुक्ति
राष्ट्रीय Trending

आसफवाला के शहीदों का इतिहास स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो : राष्ट्रपति मुर्मू

अबोहर (राज सदोष)।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में , समाजसेवी करण गिल्होत्रा की सरपरस्ती में शहीदों की समाधि आसफवाला का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को दिसंबर में फाजिल्का के आसफवाला में होने वाले वार्षिक शहीदी दिवस समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

प्रतिनिधिमंडल में समाजसेवी व शहीदों की समाधि समिति के प्रधान करण गिलहोत्रा और महासचिव प्रफुल्ल नागपाल शामिल रहे। उन्होंने राष्ट्रपति को आसफवाला युद्ध स्मारक के गौरवशाली इतिहास और शहीद जवानों के बलिदान से अवगत कराया। इस अवसर पर राष्ट्रपति को कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र सौंपने के साथ आसफवाला समाधि की हस्तनिर्मित पेंटिंग और शहीदों की गाथा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी भेंट की गई।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुझाव दिया कि आसफवाला के शहीदों का इतिहास स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि देश की युवा पीढ़ी वीर जवानों के बलिदान और देशभक्ति की भावना से परिचित हो सके तथा उनसे प्रेरणा ले सके।

करण गिलहोत्रा ने बताया कि राष्ट्रपति के सुझाव पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आश्वासन दिया कि आसफवाला के इतिहास को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

0 Comments