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एस्ट्रोलॉजी

आरंभ हैं चैत्र नवरात्रि ?

April 03, 2019 09:03 PM

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़ 

 इस वर्ष चैत्र नवरात्र, ६ अप्रैल से प्रारंभ है और समापन १४ अप्रैल को है। नवरात्रि में माँ भगवती के सभी नौ रूपों की उपासना की जाती है। इस समय आध्यात्मिक ऊर्जा ग्रहण करने के लिए लोग विशिष्ट अनुष्ठान करते हैं। इस अनुष्ठान में देवी के रूपों की साधना की जाती है।

- चैत्र नवरात्रि गर्मियों के मौसम की शुरूआत करता है और प्रकृति माँ एक प्रमुख जलवायु परिवर्तन से गुजरती है। यह लोकप्रिय धारणा है कि चैत्र नवरात्री के दौरान एक उपवास का पालन करने से शरीर आगामी गर्मियों के मौसम के लिए तैयार होता है।

कलश स्थापना मुहूर्त

अप्रैल 2019, शनिवार से प्रारंभ ।

कलश स्थापना मुहूर्त = प्रातः 06:09 से 10:19 बजे। 
मुहूर्त की अवधि = घंटे मिनट

(*कलश स्थापना केवल प्रतिपदा तिथि में ही करना चाहिए। कोई और समय ना होने पर कलश स्थापना मुहूर्त वैधृति योग के दौरान किया जा सकता है।)

प्रतिपदा तिथि आरंभ = 5 अप्रैल 2019, शुक्रवार 14:20 बजे।
प्रतिपदा तिथि समाप्त = 6 अप्रैल 2019, शनिवार 15:23 बजे।

कैसे करें घट स्थापना  ?

घर का एक ऐसा स्वच्छ स्थान सुनिश्चित कर लें जहां कोलाहल न हो और पूजा के समय आपका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो और आप आसन पर बैठें। मिटट्ी या किसी धातु के क्लश में गंगा जल, एक सिक्का,जौ, चावल , रोली व  तिल डालें।क्लष के मुंह पर 5 या 7 आम के पत्ते रखें। क्लश पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बना दें और मौली बांध दें।

एक पानी वाले नारियल  पर लाल चुनरी या वस्त्र बांध कर लकड़ी  की चौकी या  मिटट्ी की  बेदी पर ईशान कोण में स्थापित कर दें । 

जौ या खेतरी बीजना

इसी समय मिट्टी के गमले या मिट्टी की बेदी पर भुरभुरी  मिटट्ी में, जौ बीज कर , आम के पत्तों से ढंक दे, तीसरे दिन अंकुर निकल आएंगे। हरे रंग के अंकुर सौभाग्य व सुख समृद्धि के सूचक हैं।

मूर्ति / चित्र स्थापना

 एक लकड़ी के पीढ़े या चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछा कर मां दुर्गा की या भगवान राम या हनुमान जी की छोटी मूर्ति या चित्र पूजा स्थानया घर के मंदिर में लाल या पीले वस्त्र पर स्थापित करें और रौली, चंदन , पुष्पादि अर्पित करें  ।

अख्ंाड  ज्योति एवं पाठ

यदि संभव हो और सार्म्थय भी हो तो देसी घी का अखंड दीपक जलाएं। इसके आस पास एक चिमनी रख दें ताकि बुझ न पाए।दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

नित्य पूजन

समयानुसार तथा समय की उपलब्धतानुसार, दुर्गा सप्तशती चाहे पूरी पढं़े या एक दो अध्याय। प्रतिदिन सिद्ध कुंजिका स्तोत्र  पढ़ने का भी लाभ मिलेगा। ‘ओम् ऐं हृीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

चैत्र नवरात्रि 2019 कैलेंडर

चैत्र नवरात्रि तिथि २०१९

नवरात्रि का दिन 1

तिथि – प्रतिपदा

6 अप्रैल 2019, शनिवार

घटस्थापना, कलशस्थापना, शैलपुत्री पूजा, चंद्र दर्शन


नवरात्रि का दिन 2

तिथि – द्वितीया

7 अप्रैल 2019, रविवार

ब्रह्मचारिणी पूजा, सिंधारा दौज


नवरात्रि का दिन 3

तिथि – तृतीया

8 अप्रैल 2019, सोमवार

गौरी तीज, सौभाग्य तीज, चंद्रघंटा पूजा


नवरात्रि का दिन 4

तिथि –  चतुर्थी

9 अप्रैल 2019, मंगलवार

कुष्मांडा पूजा, वरद विनायक चौथ, लक्ष्मी पंचमी


नवरात्रि का दिन 5

तिथि – पंचमी

10 अप्रैल 2019, बुधवार

नाग पूजा, स्कंदमाता पूजा, स्कन्द षष्ठी, उपंग ललिता व्रत


नवरात्रि का दिन 6

तिथि – षष्ठी

11 अप्रैल 2019, गुरुवार

यमुना छठ, कात्यायनी पूजा, चैती छठ


नवरात्रि का दिन 7

तिथि – सप्तमी

12 अप्रैल 2019, शुक्रवार

महा सप्तमी, कालरात्रि पूजा


नवरात्रि का दिन 8

तिथि – अष्टमी

13 अप्रैल 2019, शनिवार

दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा, अन्नपूर्णा अष्टमी, संधि पूजा


नवरात्रि का दिन 9

तिथि – नवमी

14 अप्रैल 2019, रविवार

सिद्धिदात्री पूजा, राम नवमी, नवरात्रि पारण, नवरात्रि हवन 

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्,

196 सैक्टर 20 ए, चंडीगढ़

मो- 98156-19620

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