ENGLISH HINDI Tuesday, August 20, 2019
Follow us on
ताज़ा ख़बरें
कार्यशाला में मृदंगम वादक मननार काएल बालाजी ने दक्षिणी भारतीय ताल की बारीकियां बताईएनएच एम्प्लाइज यूनियन ने प्रशासन के खिलाफ स्वास्थ्य सेवायें बंदकर प्रदर्शन किया ट्राईसिटी में घर बैठे राशन पंहुचायेगा जीवाला डॉट.इन ग्रॉसरी स्टोरस्वास्थ्य और सौंदर्य प्रेमियों के लिए वेगनटिक सुपर फूड्स ने एल्मो-एल्मोंड बेवरेज लॉन्च कियाजीरकपुर के शिवालिक विहार में प्रधान के घर शॉर्ट सर्किट से लगी आग से लाखों का नुक्सानई फाइलिंग कभी भी कहीं भी, ई-रिटर्न भरने के दिए टिप्ससाइबर अपराध और कानूनी जागरूकता पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरूडेराबस्सी के सभी एटीएम पड़े हैं काफी समय से बंद
एस्ट्रोलॉजी

गोधूलि वेला , गुरुवार , 8वीं लग्न में गुरु के समय मोदी का शपथ ग्रहण

May 29, 2019 06:26 PM

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़- 9815619620

  30 मई की सायंकाल ही क्यों चुना गया शपथ ग्रहण का समय, इसके पीछे कई ज्योतिशीय कारण हैं।यों तो मोदी जी का हर कार्य 8 या 5 अंक वाले संयोग पर ही होता है परंतु इस बार विवशताओं के कारण 26 मई को यह कार्य नहीं हो सका।

 

23 मई जिसका अंक 5 बनता है, को प्रचंड बहुमत के बाद वे दूसरी पारी खेलने के लिए तैयार हैं जिसमें वे 30 मई, गुरुवार की सायं गोधूलि मुहूर्त ,जो 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगा और 8 अंक वाली बृश्चिक लग्न 6 बजे से 8 बजकर 20 मिनट तक रहेगी, में प्रधानमंत्री पद की औपचारिक शपथ लेंगे।

 

यह शपथ बृश्चिक लग्न जो मोदी जी की अपनी लग्न भी है, और वर्तमान में इस में गुरु विराजमान हैं, एक आयुष्मान योग और अपरा एकादशी वाले दिन शुभ समय में ली जा रही है। गुरुवार को 3 बजे दोपहर तक राहु काल है, 6 बजे तक अशुभ चौघड़िया है। शुभ चौघड़िया 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।

 

गोचर में बृश्चिक  लग्न में वक्री गुरु, और पंचम में चंद्र पर दृष्टि विशेष शुभ योग दर्शा रहे हैं। परंतु दूसरे भाव में शनि केतु और उसके ठीक सामने अष्टम भाव में  राहु मंगल  तथा गंडमूल रेवती नक्षत्र बहुत चैलेंजिंग स्थितियां दिखा रही हैं। चूंकि इस समय भारत और मोदी जी की कुंडली में चंद्रमा की दशा चल रही है जो नेता और देश के मध्य  अद्भुत समन्वय बनाकर अनुकूल योग बनाती हैं और सफलता पूर्वक नई नई योजनाओं का चलन दर्शाती हैं । 

 

फिर भी दूसरी पारी में मोदी 303 का आंकड़ा और अन्य सहयोगी दलों की अधिक संख्या होने के बावजूद वह करिश्मा नहीं दिखा सकेंगे जो 2014 से 2019 के मध्य दिखाया था। जनता की अपेक्षाएं बढें़गी जिन्हें पूरा कर पाना कठिन होगा। शपथ ग्रहण का मुहूर्त उतना अच्छा नहीं है अतः परिणाम भी उतने अच्छे नहीं होंगेे। इस कार्यकाल में उन्हें विरोधी दलों के अलावा अपनी पार्टी के लोगों से ही काफी तरह के विरोधों का सामना करना पड़़ेगा जिसकी बानगी इस कार्यक्रम के दौरान भी परिलक्षित हो सकती है। यह मोदी जी की अंतिम पारी होगी।

 

जबकि दूसरी ओर ,इस समय कांग्रेस और कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष दोनों की राहु की दशा चल रही है जिसके कारण पार्टी में अभी अव्यवस्था का वातावरण रहेगा। 

 

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और एस्ट्रोलॉजी ख़बरें