ENGLISH HINDI Wednesday, April 01, 2020
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
सेवामुक्त होने वाले पुलिसकर्मियों का सेवाकाल 31 मई तक बढ़ायाकोरोना : पहले कैदियों को रिहा किया, अब नशामुक्ति केंद्रों से नशेडिय़ों को भेजा जाएगा घर14 अप्रैल तक बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान: मुख्यमंत्रीगड़बड़झाला: दवा के नाम पर प्रशासन की आंखों में धूल झौंक रहे नगर परिषद अधिकारी व ठेकेदारगुरु का लंगर आई हॉस्पिटल ने प्रवासी मजदूरों और गरीब परिवारों में लंगर वितरण कियादिल्ली में गैर-सरकारी संस्थाओं से हिमाचलवासियों की मदद का अनुरेाधहरियाणा में 70,000 लोगों की क्षमता के 467 राहत शिविर स्थापितमरकज की तबलीगी जमात से लौटे नागरिकों की तुरंत दे सूचना: डीसी
एस्ट्रोलॉजी

मलमास के कारण 13 दिसंबर ,2019 से 22 जनवरी 2020 के मध्य विवाह के मुहूर्त नहीं

December 10, 2019 09:30 AM

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़। मो- 98156-19620

  13 दिसंबर से मलमास यानी खरमास शुरू होने जा रहा है जो 14 जनवरी 2020 को समाप्त होगा. मलमास के दौरान शादी-ब्याह, गृह प्रवेश, नए कारोबार का शुभारंभ, मुंडन जैसे धार्मिक संस्कार वर्जित माने जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह के लिए बृहस्पति की स्थिति का मजबूत होना बेहद जरूरी माना जाता है, लेकिन जब सूर्य मीन या धनु राशि में चला जाता है तो इसकी स्थिति कमजोर हो जाती है. ऐसे में शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है.

मलमास को मलिन मास भी कहा जाता है और मलिन मास होने के कारण ही इसे मलमास या अधिक मास कहा जाता है. हिंदू धर्म में मलमास के दौरान सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों जैसे नामकरण, यज्ञोपवीत, विवाह और कोई भी धार्मिक संस्कार को करना अशुभ माना जाता है.

मलमास से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार, हर राशि, नक्षत्र, करण और बारह मासों का कोई न कोई स्वामी है, लेकिन मलमास का कोई स्वामी नहीं है. इस महीने का कोई स्वामी नहीं है, इसलिए इसे अधिक मास या मलमास कहा जाता है. यही वजह है कि इस महीने मांगलिक कार्य, देव कार्य और पितृ कार्य वर्जित माने जाते हैं.

इस महीने भले ही मांगलिक कार्यों को करना वर्जित होता है, लेकिन इस महीने में जप, तप, तीर्थ यात्रा करने का विशेष महत्व बताया जाता है. मलमास में भागवत कथा सुनने और दान-पुण्य करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. 

मलमास 14 जनवरी तक रहेगा। 22 जनवरी तक विवाह के मुहूर्त नहीं होने के कारण 23 जनवरी से वैवाहिक आयोजनों का सिलसिला पुनः शुरू होगा।

2020 में मार्च तक विवाह के निम्न शुभ मुहूर्तो में आप सुविधानुसार चयन कर सकते हैं।

जनवरी में 23, 25, 26, 27, 28, 29।

फरवरी में 6, 7, 8, 12, 17, 18, 19, 20, 22, 23, 24, 25।

मार्च में 5, 6, 7, 11, 12 को विवाह के दिन है।

15 मार्च से वैवाहिक आयोजन पर फिर ज्योतिषीय प्रतिबंध लग जाएगा।

-मदन गुप्ता सपाटू, 196 सैक्टर 20ए चंडीगढ़

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और एस्ट्रोलॉजी ख़बरें
पहली अप्रैल अष्टमी या 2 अप्रैल नवमी पर वीडियो कान्फ्रैंसिंग से करें कन्या पूजन नवरात्र में 4 ग्रहों की विशेष चौकड़ी कारोना का संहार करेगी कोरोना से राहत 21 अप्रैल से , पूरा छुटकारा 1 जुलाई के बाद होलिका दहन व होली पर प्रचलित सामान्य प्रचलित एवं आंचलिक उपाय जीरकपुर में ज्योतिष कैम्प आयोजित: लोगों ने जानी समस्या, ज्योतिषों ने सुझाया उपाय कैसा रहेगा लीप का साल ? कैसा रहेगा 29 फरवरी को जन्मे लोगों का हाल ? होलाष्टक रहेगा 3 मार्च से 9 मार्च तक, जानिए क्यों नहीं करते इसमें शुभ कार्य ? लक्ष्य ज्योतिष संस्थान ने मनाया स्थापना दिवस 117 साल बाद फिर बना शिवरात्रि पर विशिष्ट दुर्लभ संयोग माथे पर तिलक लगाने और मांग में सिंदूर भरने के पीछे क्या है वैज्ञानिक आधार?