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(MOREPIC4)फेस2न्यूज/चंडीगढ़
स्थानीय सांसद किरण खेर व शहर में भाजपा के वरिष्ठतम नेता सत्यपाल जैन के जन्मदिनों में सिर्फ एक दिन का अंतर होता है, परन्तु इस बार जहाँ सांसद के जन्मदिवस (14 जून) को बिल्कुल निल बट्टे सन्नाटा पसरा रहा, वहीं सत्यपाल जैन के जन्मदिवस पर उत्सव जैसा माहौल रहा।
(MOREPIC1)(MOREPIC2)पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, जोकि भारत सरकार के एडीशनल सॉलिसिटर जनरल भी हैं, की किस्मत इतनी बुलंद रही कि ठीक उनके जन्मदिन के रोज ही उनकी पार्टी के अखिल भारतीय अध्यक्ष जेपी नड्ढा का भी चण्डीगढ़ आगमन हो गया।
शहर में हालांकि उनके कार्यक्रम पूर्व निर्धारित थे, परन्तु वे फिर भी सत्यपाल जैन के जन्मदिन की सूचना पाकर सेक्टर 37 स्थित लॉ भवन पहुँच गए, जहां जैन के 71वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित आशीर्वाद समारोह चल रहा था। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि उन्होंने सत्यपाल जैन की प्रशंसा में कसीदे पढ़ते हुए उन्हें भाजपा के लिए एक धरोहर का दर्जा दे दिया।
नड्ढा के साथ पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, सांसद अनिल जैन, संगठन मंत्री श्रीनिवासअल्लू भी समारोह में उपस्थित हुए।
मानो इतना ही काफी नहीं था, समारोह में पंजाब के राज्यपाल व चण्डीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित एवं हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय भी शुभकामनाएं देने पधारे जिससे जैन समर्थकों का जोश और भी हाई हो गया।
इनके साथ ही शहर की अनेक धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं यथा देवालय पूजक परिषद, राधा स्वामी सत्संग, ब्यास के बाबा जी, निरकांरी मिशन, क्रिश्चियन एसोसिएशन, जैन समाज, मार्केट एसोसिएशन, नामधारी सत्संग सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी उनको सम्मानित किया।
हालांकि इसके साथ ही भाजपा की स्थानीय इकाई की गुटबाजी भी खुल कर सतह पर आ गई। जहां किरण खेर, संजय टंडन या जैन के ही सेक्टर के निवासी जोशी परिवार ने उन्हें विश नहीं किया, वहीँ पार्टी के स्थानीय प्रधान अरुण सूद को इस समारोह में नड्ढा के कारण आना पड़ा, परन्तु उन्हें जब बैठने को सीट नहीं मिली तो जैन ने मंच पर बैठे बैठे ही स्थिति को संभाला व अपने सहयोगियों को इशारा करके उन्हें अग्रिम पंक्ति में बिठाया। वैसे सूद गुमसुम से ही रहे।
उस पर तुर्रा ये कि पूर्व डिप्टी मेयर रहे विनोद अग्रवाल व उनके लेफ्टिनेंट जसपाल सिंह ने समारोह में पहुँच कर अगले आम चुनाव में जैन को जीत की शुभकामनाएं देते हुए महामहिम पुरोहित से 2024 में जैन को उम्मीदवार बनाने की मांग कर डाली, जिस पर महामहिम ने कहा कि वे तो सिर्फ एक संवैधानिक पोस्ट पर हैं व किसी को टिकट देना ना देना उनके अखि़्तयार में नहीं है। बाकि, एक कमी जो सबको खली, वो थी मीडिया की अनुपस्थिति। मीडियाकर्मी भी कवरेज हेतु बुलाए होते, तो कई और भी कहानियां बननी थी। पर कुल मिला कर अपने जन्मदिन पर टाइगर जिन्दा है का जबरदस्त सन्देश देने में सफल रहे सत्यपाल जैन। इसी के साथ अगले चुनाव में भाजपा में उम्मीदवारी के लिए जोरदार घमासान व शह-मात के खेल की शुरुआत हो गई है।
आशीर्वाद समारोह ने शहर की राजनीति में उथल-पुथल मचा के रख दी
आशीर्वाद समारोह ने शहर की राजनीति में उथल-पुथल मचा के रख दी है और पार्टी में अंदर खाते काफी सुगबुगाहटें हैं व चर्चाएं चल रहीं हैं। उल्लेखनीय है कि सत्यपाल जैन पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति को हटाने व नए उपकुलपति के चयन में अपना जलवा दिखा चुके हैं। बाकि वे आए दिन किसी ना किसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकातें करके धैर्यपूर्ण उनकी समस्याएं एवं मांगे सुनते-जानते हैं व हल करने के भी हर संभव कोशिश करतें हैं, जिससे उनकी आम जनता में पकड़ व लोकप्रियता बरकऱार है।
शहर में भाजपा की राजनीति के जानकारों का मानना है कि शहर में सत्यपाल जैन के अलावा तीन और गुट (किरण खेर, संजय टंडन व अरुण सूद-सतनाम संधू) भी सक्रिय हैं।
सत्यपाल जैन के बारे में कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य :\
* सत्यपाल जैन के बारे में यह मशहूर है कि उनमें चंडीगढ़ में पार्टी के नए या पुराने हजारों कार्यकर्ताओं को नाम से पुकारने की क्षमता है जिसका कार्यकर्ताओं पर एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है।
* चंडीगढ़ के सबसे सीनियर राजनीतिज्ञ होने का सौभाग्य उन्हें ही प्राप्त है। जैन चंडीगढ़ की राजनीति में 1974 से सक्रिय हैं।
* सतींद्र सिंह एडवोकेट कभी भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन के करीबी रहे, तो सांसद किरण खेर के 2019 लोकसभा चुनाव के मुख्य रणनीतिकार एवं प्रभारी रहे। आज वह सत्यपाल जैन के
करीबी सहयोगी एवं रणनीतिकार बने हुए हैं।
* आज की तिथि चंडीगढ़ की जनता को अपने काम करवाने के लिए सबसे सुलभ पावर सेंटर सेक्टर 15 जैन साहब का निवास स्थान बना हुआ है।
* 71 वर्ष की उम्र में भी जैन की 35 वर्ष की युवा जैसी फुर्ती अनथक कार्य करने की क्षमता है।
* कार्यकर्ताओं के सुख दुख में साथ खड़े होने का का स्वभाव साधारण कार्यकर्ताओं को आकर्षित करता है।
सतनाम संधू को झटका
(MOREPIC3)(SUBHEAD)हैरानीजनक बात तो यह है कि जिस तरह चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर फिरोजपुर के मंड एरिया मखू के सतनाम सिंह संधू आजकल आरएसएस और उनकी सहयोगी संस्थाओं में शमूलियत करके अपनी शमूलियत और वित्तीय सहायता के चलते खुद को भाजपाई होने का सुबूत दे रहे थे ताकि अगले चुनाव में उन्हें चंडीगढ़ से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उतारा जाए, के प्रयासों को जैन के बर्थडे में शामिल भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी से , गहरा झटका लगा है। बताते हैं कि वह आरएसएस और इनकी सहयोगी संस्थाओं में अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करते हैं।