Monday, 01 June 2026
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हर संकट में मददगार बन जाती हैं दुआएं क्योंकि दुआएं कमाना ही जीवन की सच्ची कमाई है : बीके उषा दीदी

 

अंतरराष्ट्रीय संस्था ब्रह्मा कुमारीज़ के सेक्टर 27 स्थित ग्लोबल डिवाइन लाइट हाउस के दादी चंद्रमणि सभागार में आयोजित विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम में माउंट आबू से पधारी हैं बीके उषा दीदी

चण्डीगढ़ : वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उषा दीदी ने कहा है कि जीवन में सच्ची सफलता केवल बाहरी प्रयासों से नहीं, बल्कि परमात्मा के आशीर्वाद और आत्मा की पवित्रता से प्राप्त होती है। जब मन एकाग्रता से परमात्मा की याद में स्थिर होता है, तब भीतर से ऐसी ऊर्जा प्रवाहित होती है जो न केवल मानसिक शांति देती है बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी संतुलित करती हैं।

अंतरराष्ट्रीय संस्था ब्रह्मा कुमारीज़ के सेक्टर 27 स्थित ग्लोबल डिवाइन लाइट हाउस के दादी चंद्रमणि सभागार में आयोजित विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम में माउंट आबू राजस्थान से पधारी बी.के .उषा दीदी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में मनुष्य अक्सर भगवान और डॉक्टर को याद करता है, लेकिन यदि हम नियमित रूप से परमात्मा का स्मरण करें, तो वही ऊर्जा हमें रोगों से उबरने की शक्ति देती है। परमात्मा की दुआएं ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा कवच हैं, जो हर संकट में हमारी रक्षा करती हैं।

उन्होंने जीवन में श्रेष्ठ कर्मों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि दुआएं कमाना ही सच्ची कमाई है। धन और साधन सीमित सहारा दे सकते हैं, लेकिन दुआएं हर परिस्थिति में साथ निभाती हैं। उन्होंने प्रेरित किया कि हम ऐसे कर्म करें जो दूसरों को सुख दें, क्योंकि वहीं से हमें परमात्मा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।कार्यक्रम में बीके कविता दीदी ने मेडिटेशन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह जीवन को नई दिशा देने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।

केंद्र प्रभारी बीके पूनम दीदी ने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि आज मनुष्य बाहरी उपलब्धियों के पीछे इतना व्यस्त हो गया है कि वह अपने आंतरिक मूल्यों और आत्मिक शांति को भूलता जा रहा है। जब तक हमारे विचार शुद्ध, सकारात्मक और श्रेष्ठ नहीं होंगे, तब तक हमारे कर्म भी श्रेष्ठ नहीं बन सकते। विचार ही कर्मों की नींव होते हैं, इसलिए सबसे पहले हमें अपने मन को सशक्त और पवित्र बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से मनुष्य अपने विचारों पर नियंत्रण पा सकता है और नकारात्मकता से दूर रह सकता है। इससे तनाव, चिंता और भय जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। जीवन में स्थिरता एवं संतुलन आता है।

सेक्टर 27 ग्लोबल डिवाइन लाइट हाउस प्रभारी पूनम दीदी ने कहा कि आध्यात्मिकता हमें जीवन जीने की सही कला सिखाती है। यह केवल ध्यान या साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे हर व्यवहार, हर निर्णय और हर संबंध में झलकनी चाहिए। जब हम अपने जीवन में सत्य, शांति, प्रेम और करुणा जैसे मूल्यों को अपनाते हैं, तब न केवल हमारा व्यक्तित्व निखरता है बल्कि हमारे आसपास का वातावरण भी सकारात्मक बनता है।

कार्यक्रम की शुरुआत बहनों द्वारा चंदन तिलक और अंगवस्त्र से अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद मधुर आध्यात्मिक गीतों ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रों से पहुंचे भाई बहनों ने भाग लेकर राजयोग और आध्यात्मिकता के माध्यम से तनावमुक्त, स्वस्थ और सफल जीवन के सूत्रों को आत्मसात किया।