Tuesday, 06 October 2026
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राज काकड़ा की पहली पुस्तक ‘पैंडा: इश्क-ए-मजाज़ी से इश्क-ए-हकीकी तक’ का  लोकार्पण

 फेस2न्यूज  /चण्डीगढ़ :

पंजाबी लेखक सभा, चंडीगढ़ की ओर से आज प्रेस क्लब में आयोजित विशेष समारोह के दौरान प्रसिद्ध पंजाबी गीतकार, गायक, लेखक और अभिनेता राज काकड़ा की पहली पुस्तक ‘पैंडा: इश्क-ए-मजाज़ी से इश्क-ए-हकीकी तक’ का लोकार्पण किया गया। 

अमरिंदर गिल, दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल, बाई हरदीप, नछत्तर गिल, सुखविंदर सिंह, कैलाश खेर, राहत फतेह अली खान, सुखजिंदर शिंदा, सरदूल सिकंदर, राज बराड़, रणजीत बावा, मास्टर सलीम, कमाल खान, पम्मी बाई, सतविंदर बिट्टी, मिस पूजा सहित अनेक नामी गायकों ने राज काकड़ा के लिखे गीत गाए, जो बेहद लोकप्रिय हुए। इसके अलावा उन्होंने पांच पंजाबी फिल्मों में बतौर अभिनेता भी काम किया है।

मंच संचालन करते हुए सभा के महासचिव भुपिंदर सिंह मलिक ने कहा कि राज काकड़ा की शायरी सामाजिक चेतना को काव्यात्मक अंदाज़ में अभिव्यक्त करने में सक्षम है। सभा के प्रधान दीपक शर्मा चनार्थल ने आए हुए मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि राज काकड़ा की कलम सच की प्रतिनिधि बनकर उन मूल्यों की बात करती है जो पंजाब की आत्मा से जुड़े हुए हैं।

पुस्तक का लोकार्पण लेखक के अलावा लोक गायक बाई हरदीप, वरिष्ठ पत्रकार तरलोचन सिंह, जगतार भुल्लर, कर्नैल सिंह पीरमुहम्मद, हरजीत ग्रेवाल, मनजीत सिंह, फिल्म कलाकार दर्शन औलख, हरी ओम जलोटा, बलकार सिद्धू व पन्ना लाल मुस्तफाबादी की उपस्थिति में किया गया।

वरिष्ठ पत्रकार जगतार भुल्लर ने कहा कि अच्छी लेखनी अपने पाठक और प्रशंसक स्वयं खोज लेती है। हरजीत ग्रेवाल ने राज काकड़ा की गंभीर और संवेदनशील शख्सियत की सराहना की। मनजीत सिंह ने कहा कि लेखक को शब्दों से इश्क है। वरिष्ठ पत्रकार तरलोचन सिंह ने राज काकड़ा को मातृभाषा का सच्चा पुत्र बताया।

कर्नैल सिंह पीरमुहम्मद ने कहा कि राज काकड़ा का सिख दर्शन का अध्ययन भी अत्यंत प्रभावशाली है। गीतकार भट्टी भड़ी वाला ने कहा कि राज काकड़ा का नाम उच्चस्तरीय पंजाबी गीत लेखन में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। पत्रकार एवं समाजसेविका हरदीप कौर विरक ने कहा कि साफ-सुथरी गायकी की उम्र बहुत लंबी होती है।

गीतकार, गायक और अभिनेता राज काकड़ा ने इस अवसर पर कहा कि इस सफर को तय करते हुए वे कई पड़ावों से गुजरे और इसी दौरान यह यात्रा सांसारिक प्रेम से रब्बी प्रेम तक पहुंचने का माध्यम बन गई।
बाई हरदीप ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि राज काकड़ा पंजाब की धरती का गौरव हैं और आने वाले समय में उनकी कलम अपना रचनात्मक सफर निरंतर जारी रखेगी। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकारों, पत्रकारों, कलाकारों और सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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