Tuesday, 06 October 2026
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से अधिक समावेशी और समतावादी समाज का निर्माण होगा : मोनिका भारद्वाज

 चण्डीगढ़ :

राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन (आरएचएसएस), चण्डीगढ़ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य सभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के किए पेश किए गए बिल का पुरजोर समर्थन किया है।

आरएचएसएस की अध्यक्ष  मोनिका भारद्वाज ने इसे ऐतिहासिक कानून बताया और  कहा कि यह कानून राजनीति में लैंगिक समानता लाने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। संगठन प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र 15% के करीब है,जो इस कानून के लागू होने के बाद बढ़कर 33% हो जाएगा।

राजनीति के उच्च स्तर पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज की पारंपरिक पुरुष प्रधान सोच को बदलने और महिलाओं के प्रति सम्मान  बढ़ाने में मदद करेगी। युवा महिलाएं नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं को देखकर राजनीति और सार्वजनिक भूमिकाओं में आगे आने के लिए प्रोत्साहित होंगी, जिससे एक अधिक समावेशी और समतावादी समाज का निर्माण होगा।

मोनिका भारद्वाज ने बताया कि महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व से अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र जैसे उद्योग, व्यापार आदि में महिलाओं का योगदान बढ़ेगा। उनके अनुसार यह विधेयक न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है,अपितु भारत को 2047 तक एक ‘विकसित राष्ट्र ‘ बनाने के लक्ष्य  को प्राप्त करने के लिए भी अनिवार्य है, इसलिए सरकार को महिला हित में इस क्रांतिकारी कदम उठाने के लिए अनंतोनंत साधुवाद। देश का प्रत्येक वर्ग इस विधेयक का स्वागत करता है। संगठन प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार यह कानून भारतीय संस्कृति में नारी को दिए गए ‘शक्ति ‘ के दर्जे को संवैधानिक रूप से स्थापित करता है और देश के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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