Monday, 29 June 2026
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मोटे अनाज की पैदावार शरीर को तंदरुस्त रखने के लिए ज़रूरी

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चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
फूडज़ एंड ड्रग ऐडमनिस्टरेशन पंजाब की तरफ से ज़िला प्रशासन के सहयोग से कंपनी बाग़ में करवाए गए इट राइट मिलेट का उद्घाटन करते हुये स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. इन्दरबीर सिंह निज्जर ने समागम में उपस्थित किसानों, ख़ाद्य माहिरों, विद्यार्थियों और आम लोगों के इक्ट्ठ को संबोधन करते हुये मूल अनाज की पैदावार करने के ज़ोर दिया।
डॉ. निज्जर ने संबोधन करते हुये कहा कि अपनी धरती को ज़हर से बचाने के लिए हमें कुदरती खेती करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मोटा अनाज जिसमें मुख्य तौर पर बाजरा, ज्वार, कोदरा, कुट्टकी, सांवां, और रागी आते हैं, को बिल्कुल ही हम भूल गए हैं, जबकि हमारी शारीरिक और मानसिक तंदरुस्ती के लिए इनका सेवन बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज की पैदावार करने से जहाँ पानी की बचत होती है वहीं दवाएँ भी कम इस्तेमाल करनी पड़तीं हैं। जिससे हमारी मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। डॉ. निज्जर ने कहा कि पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज के लाभ के बारे जागरूकता लहर चलाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार भी इनकी मदद करेगी।
डॉ. निज्जर ने कहा कि किसी समय मोटा अनाज हमारी ख़ुराक का अहम हिस्सा होता था। परन्तु हमारे रहन-सहन में आए बड़े बदलाव के कारण यह हमारी थाली में से गायब हो गया है। उसका खामियाजा हम कई भयानक बीमारियों के साथ भुगत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज हमें ज़रूरत है कि मोटे अनाज को फिर अपनी हमारी थाली का हिस्सा बनाऐं और बीमारियों से बचें। उन्होंने कहा कि हमने गेहूँ और धान का ज़्यादा प्रयोग करके ख़ुद बीमारियों को न्योता दिया है और हमें फिर अपना मूल अनाज की तरफ मुड़ना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि गेहूँ में गलूटन की ज़्यादा मात्रा होने के कारण हम बीमार हो रहे हैं और कैमिकलों का प्रयोग करके अपनी मिट्टी भी ख़राब कर रहे हैं।