Wednesday, 01 July 2026
Breaking News
हिमाचल प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को मिला जीआई टैग भाभी व उसके मायके परिवार के जुल्मों से तंग आकर देवर ने किया सुसाइड  दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति के प्रांतीय वर्ग में 2 सौ से ज्यादा युवतियों ने लिया शौर्य प्रशिक्षण  गांधी स्मारक भवन प्रबंधन पर कोर्स पूरा होने से पहले 10 हजार अतिरिक्त फीस मांगने का आरोप धर्म में भाव और विवेक सर्वोपरि - क्षुल्लक प्रज्ञांश सागर  करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी, हरियाणा और इंडस वैली क्रिकेट अकादमी, डेराबस्सी की टीमें फाइनल में डिफरेंटली डिफरेंट–पंचम : द लीजेंड में पंचम दा को संगीतमय श्रद्धांजलि श्री अमरनाथ धाम यात्राः शिव सेवा संघ द्वारा लंगर प्रबंधन के लिए राशन से भरे ट्रक रवाना राष्ट्र स्तरीय शूलिनी मेला संपन्न,राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने की ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना इलेक्ट्रिक बसों पर सरकार 50 और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: मुख्यमंत्री
पंजाब Trending

महिलाओं का अपमान- डीजीपी पंजाब और मुख्यमंत्री पंजाब को उत्तर देना ही होगा: चावला

Read in:Hindi

(MOREPIC1)  अमृतसर, फेस2न्यूज:
एक तथाकथित ज्ञानी जसवंत सिंह ने 13 अक्टूबर को करवाचौथ के दिन देश की उन करोड़ों महिलाओं को अपमानित किया। उनका मजाक उड़ाया जो करवाचौथ का व्रत रखती हैं, पर अब शिकायत इस जसवंत सिंह से नहीं, पंजाब सरकार और पंजाब की पुलिस से है। पंजाब की पूर्व केबिनेट मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला ने पंजाब पुलिस को, कमिश्नर अमृतसर को बार बार लिखा, उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की और सार्वजनिक रूप से यह भी घोषणा नहीं की कि ज्ञानी की जो करवाचौथ पर वीडियो है वह गलत नहीं, ठीक है। इससे ऐसा लगता है कि सरकार की शह पर ही ये लोग हमारे व्रत त्यौहारों का अपमान करते हैं अन्यथा किसी की इतनी हिम्मत नहीं हो सकती कि वे खुले रूप से हिंदू आस्थाओं का अपमान करें। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में कहीं नहीं लिखा कि करवाचौथ का व्रत पति का एक साल का बीमा है या औरतें कितना खाती हैं। यह अपमानजनक शब्द जसवंत सिंह ने कहे, लेकिन घावों पर नमक छिड़कते हुए अमृतसर की एक गांव के लड़कों को पीटा भी, जेल भी भेज दिया, क्योंकि सरकारी किताब में उन्होंने इस स्वयंभू ज्ञानी का अपमान किया है। बहुत अच्छा हो पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी यह घोषणा कर दें कि वे अपनी जनता की भावनाओं का, धार्मिक आस्थाओं की न रक्षा कर सकते हैं, न सम्मान। उसके बाद जनता स्वयं सोचेगी कि उन्हें पंजाब में कैसे अपनी आस्थाओं की रक्षा करनी है।