सुरसरगम कला मंच ने देव आनंद और किशोर कुमार की याद में सजाई संगीतमय शाम
दीपक सिंह /चण्डीगढ़
सुरसरगम कला मंच, चण्डीगढ़ : की ओर से आज गवर्नमेंट आर्ट म्यूजियम, सेक्टर-10 में हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद और महान पार्श्वगायक किशोर कुमार की स्मृति में संगीतमय कार्यक्रम ‘देव-किशोर: द इम्मोर्टल जोड़ी’ आयोजित किया गया। ‘आये तुम याद हमें-8’ के अंतर्गत आयोजित इस संगीतमय संध्या में कलाकारों ने दोनों महान हस्तियों से जुड़े लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को पुरानी यादों में डुबो दिया।
कार्यक्रम में जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता गुरदर्शन सिंह सौनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, सीनियर्स पैशन ग्रुप के कर्नल बी.के. शर्मा, यादगारे-रफी सोसाइटी के बी.डी. शर्मा, भाजपा, मोहाली के उपाध्यक्ष अनुज अग्रवाल, प्रदीप शर्मा और सतपाल बंसल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संगीतमय संध्या के दौरान कलाकारों ने ‘छोड़ दो आँचल, ज़माना क्या कहेगा’, ‘माना जनाब ने पुकारा नहीं’, ‘ओ मेरे राजा’, ‘आँखों-आँखों में हम-तुम’, ‘पन्ना की तमन्ना है कि हीरा मुझे मिल जाए’, ‘जीवन के सफर में राही’ और ‘मरने की दुआएँ क्यों माँगूँ’ सहित अनेक लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों से समां बांधा।
कार्यक्रम में श्रीमती नीलम शर्मा और कर्नल बी.के. शर्मा, दीपेशिंदर, रिकी सलारिया, केवल कृष्ण सरीन, नैन्सी एवं अंकुर, डॉ. जी.एस. मावी, डॉ. एच.एस. कालरा, मोना शर्मा एवं राज कुमार, पूनम शर्मा एवं किशोर कुमार शर्मा, कुलदीप एवं तरसेम, अनुराधा एवं विक्रमजीत, अविनाश बंसल, विजय टिक्कू, हरजीत एवं राजेश, शीनम एवं आर.के. टिटू, मदन लाल, डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. राकेश मल्होत्रा तथा डॉ. भारत भूषण शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण पर्यावरण और फिल्मों पर आधारित प्रश्नोत्तरी रही। क्विज मास्टर किशोर कुमार शर्मा ने श्रोताओं से रोचक सवाल पूछे और सही उत्तर देने वालों को पुरस्कार प्रदान किए। इस गतिविधि के माध्यम से मनोरंजन के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी किया गया।
इसके अतिरिक्त, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ—हुनरमंद बनाओ और आगे बढ़ाओ’ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत पांच अविवाहित लड़कियों को उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इस पहल का उद्देश्य बेटियों के सम्मान, शिक्षा, कौशल विकास और आगे बढ़ने के अवसरों को प्रोत्साहन देना रहा।
पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारत भूषण शर्मा ने प्रभावशाली अंदाज में किया। सदाबहार फिल्मी गीतों, रोचक प्रश्नोत्तरी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों ने इस संगीतमय संध्या को यादगार बना दिया।
जिन गीतों ने समां बांधा
*छोड़ दो आँचल ज़माना क्या कहेगा पेइंग गेस्ट – 1957 श्रीमती नीलम शर्मा व कर्नल बी.के.शर्मा*धीरे से जाना खटीयन में छुपा रुस्तम – 1973 दीपेश इंदर *मैं आया हूँ लेकर साज़ हाथों में अमीर गरीब – 1974 रिकी सलारिया *बुरे भी हम भले भी हम बनारसी बाबू – 1973 केवल कृष्ण सरीन *ओ मेरे राजा जॉनी मेरा नाम – 1970 नैन्सी-अंकुर *माना जनाब ने पुकारा नहीं पेइंग गेस्ट – 1957 डॉ. जी.एस. मावी *ख्वाब हो या कोई हकीकत तीन देवियाँ – 1965 डॉ. एच.एस. कालरा * आँखों आँखों में हम तुम महल – 1969 मोना शर्मा व राज कुमार * अरे यार मेरी तुम भी हो गज़ब तीन देवियाँ – 1965* दूरियां नजदीकियां बन गईं दुनिया – 1968 पूनम शर्मा व किशोर कुमार शर्मा * यारो नीलम करो सुस्ती प्रेम पुजारी – 1970 कुलदीप – तरसेम * पन्ना की तमन्ना है के हीरा मुझे मिल जाए हीरा पन्ना – 1973 अनुराधा व विक्रम जीत * रुक जाना ओ जाना हमसे दो बातें करके वारंट – 1975 अविनाश बंसल * कैसा है मेरे दिल तू खिलाड़ी गैम्बलर – 1971 विजय टिक्कू * मेरे प्याले में शराब डाल दे अमीर गरीब – 1974 हरजीत – राजेश * चारु चंद्र की चंचल चितवन मनपसंद – 1980 शीनम व आर.के. टिटू * ओ निगाहें मस्ताना पेइंग गेस्ट – 1957 मदन लाल * जीवन के सफर में राही मुनिम जी – 1955 डॉ. अनिल शर्मा * दिल की कलम से तुझको प्रेम पुजारी – 1970 डॉ. राकेश मल्होत्रा* मरने की दुआएँ क्यों मांगू जिद्दी – 1948 डॉ. भारत भूषण शर्मा