Monday, 07 September 2026
Breaking News
पौड़ी गढ़वाल एकता मंच के महिला प्रकोष्ठ ने किया रामायण पाठ का आयोजन शिक्षा में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए इंदु बब्बर राज्य पुरस्कार से सम्मानित आचार्य देवों भवा 2026 में चंडीगढ़ से पहुंचे डॉ. अमनदीप सिंह को ज्योतिष एवं अंकशास्त्र के क्षेत्र में विशेष सम्मान 1965 के भारत-पाक युद्ध की दास्तां, जब फाजिल्का क्षेत्र खाली हो गया था संत विनोबा भावे सम्मान-2026 समारोह में साहित्य, पत्रकारिता एवं समाजसेवा की विभूतियाँ सम्मानित उत्तराखंड भ्रातृ संगठन का भव्य लाइट एंड साउंड शो और श्रीकृष्ण बाल लीलाओं का सफल मंचन भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान के अध्यक्ष कुरेशी का अपहरण और यातनाएं पुलिस ने किया एक प्रदर्शनकारी के साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार: सुखबीर सिंह बादल इंटर स्कूल स्टेट स्तरीय टूर्नामेंट में सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर 8 की शानदार उपलब्धि ‘एकम न्याय संवाद’ आयोजित: सांसदों और न्यायिक क्षेत्र के दिग्गजों ने राष्ट्रीय पुरुष आयोग की आवश्यकता पर किया मंथन
चंडीगढ़ Trending

नच उठेया, नच उठेया, जिंदड़ी दा तुम्बा नच उठेया…

Read in:Hindi

कँवर ग्रेवाल के सूफी भजन गायन के साथ तू ही तू में सालाना उर्स-ए-मुबारक व सर्वधर्म समागम सम्पन्न

(MOREPIC1) (MOREPIC2) चण्डीगढ़ : माता राम बाई चेरिटेबल ट्रस्ट राम दरबार, चण्डीगढ़ द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सूफी संत बाबा रूकनुद्दीन (कुंडे वाली सरकार) का 65वां और मर्द-ए-कलन्दर जन्नतनशीन पूजनीय माता राम बाई जी अम्मी हुजूर शहंशाह का 42वां उर्स-ए-मुबारक अपनी कदीमी रिवायात के मुताबिक सर्व धर्म समागम के रूप में तू ही तू, राम दरबार में शहजादा पप्पू सरकार जी गद्दीनशीं के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया।

संस्था के प्रवक्ता तेजिंदर चौहान, जो हर वर्ष दुनिया के सबसे बड़े रावण के दहन कार्यक्रम के लिए जाने जाते हैं, ने बताया कि समारोह में श्रीमद्भागवत कथा, श्री गुरु ग्रंथ साहब जी व श्री रामचरित मानस के अखंड पाठ रखे गए व पाठों का भोग डालने के बाद अटूट लंगर बरताये गए। इस दौरान सर्व धर्म समागम, हवन व रस्म-ए-झंडा आयोजित करने के बाद फ़रियाद हुई।

समारोह में पंजाबी सूफी महफ़िल में प्रख्यात गायक कलाकार नीलम शर्मा व मानक अली ने शिरकत की। आखिरी दिन प्रख्यात सूफी गायक कँवर ग्रेवाल के सूफी भजन गायन के साथ समारोहों का समापन हो गया। कँवर ग्रेवाल ने जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ भजन से कार्यक्रम शुरू किया।

बाद में उन्होंने न जाइं मस्ता दे वेड़े, तेनू मस्त बना देणगे बीबा, तुंबा बड़ा शैतान कुड़े, तुंबा मेरी जान कुड़े, छल्ला इश्के दा, तकड़ी नानक दी, पूरा-पूरा तोले, इश्क नचावे यार तां नचना पैंदा ए, वे कुछ पुछ जोगी, कुछ कह जोगी तथा नच उठेया, नच उठेया, जिंदड़ी दा तुम्बा नच उठेया आदि एक से बढ़ कर एक भजन व सूफी कलाम प्रस्तुत करके श्रद्धालुओं को झूमा डाला।