Monday, 01 June 2026
Breaking News
अहिंसा शिक्षा रत्न अवॉर्ड 2026 में ट्राइसिटी के लगभग 130 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान बशीर बद्र की ग़ज़लों की हिंदी में पहली किताब अबोहर में हुई थी प्रकाशित स्वर सप्तक कल्चरल सोसाइटी ने आयोजित की रवींद्र-नज़रूल संध्या कुरुक्षेत्र क्रिकेट अकादमी, हरियाणा ने पहली 'श्री माता मनसा देवी ट्रॉफी' अंडर-14 संयुक्त (लड़के/लड़कियां) क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीता अलविदा बशीर बद्र उत्तराखंड और पूर्वाेत्तर राज्यों में बादल फटने की घटनाएं बढ़ने की संभावनाः मुख्यमंत्री श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर स्थापना दिवस की धूम : गायक बी प्राक की भजन संध्या में उमड़ा जनसैलाब चुनाव-2026: जगह-जगह टकराव, मतदान के बाद शहर में तनाव। देव भूमि हिमाचल में धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता: राज्यपाल सिद्ध बाबा बालक नाथ मन्दिर का 52वां वार्षिक उत्सव 27 से
चंडीगढ़ Trending

फिल्म घूसखोर पंडित के शीर्षक को लेकर विवाद, नेटफ्लिक्स इंडिया और नीरज पांडे के खिलाफ शिकायत

Read in:Hindi

(MOREPIC1)फेस2न्यूज / चण्डीगढ़  

शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाईकोर्ट बार से जुड़े एडवोकेट अजय शर्मा ने अन्य वकीलों के साथ मिलकर नेटफ्लिक्स इंडिया और फिल्म निर्माता नीरज पांडे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत आगामी फिल्म के कथित शीर्षक “घूसखोर पंडित” को लेकर चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सौंपी गई है।

शिकायत में कहा गया है कि “पंडित” शब्द हिंदू समाज में पुजारियों और विद्वानों के लिए सम्मान और धार्मिक महत्व रखता है। इसके साथ आपत्तिजनक शब्द जोड़ना पूरे पंडित समुदाय को अपमानित करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह शीर्षक जानबूझकर चुना गया है, जिससे समाज में घृणा और वैमनस्य फैल सकता है।

एडवोकेट अजय शर्मा ने दावा किया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 196 (धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) के अंतर्गत आता है।

शिकायत का समर्थन कर रहे अधिवक्ताओं—रामन बी गर्ग, गीतांजलि छाबड़ा, वरुण बांथ, मयंक और मुस्कान—ने कहा कि यह केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि एक विशेष धार्मिक समुदाय की गरिमा पर सीधा हमला है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि नेटफ्लिक्स इंडिया के जिम्मेदार अधिकारियों और फिल्म निर्माता के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही फिल्म के शीर्षक, प्रचार सामग्री, रिलीज और इससे जुड़े सभी कंटेंट पर न्यायिक आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

शिकायत में सार्वजनिक माफी और कथित अपमानजनक सामग्री की जब्ती की भी मांग की गई है। एडवोकेट अजय शर्मा ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए तत्काल पुलिस कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो मामला उच्च अधिकारियों और न्यायालय में ले जाया जाएगा।