Tuesday, 21 July 2026
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युवाओं के जोश को सही दिशा देने से वो भटकने से बच सकते हैं : आचार्य प्रशांत

फेस2न्यूज /पंचकूला /चण्डीगढ़ :

आचार्य प्रशांत का कई वर्षों बाद पंचकूला में आयोजित विशेष सत्र ज्ञान, उत्साह और आत्मीयता का अद्भुत संगम बन गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि 1 लाख से अधिक लोगों ने इस सत्र को ऑनलाइन भी देखा।

पंचकुला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में आचार्य प्रशांत का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उन्हें विशेष उपहार भेंट किए। एक ख़ास नृत्य प्रस्तुति और सूफ़ी भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

पत्रकारों ने आचार्य प्रशांत से देश-विदेश के प्रमुख मुद्दों पर उनके वक्तव्य भी पूछे।
उनसे जब युवाओं में बढ़ते नशे के चलन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि युवाओं के जोश को सही दिशा देने से वो भटकने से बच सकते हैं। इनमें पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतें और आसन्न ऊर्जा संकट, ओटीटी पर स्त्री-विरोधी अश्लीलता का प्रसार, तथा कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में उनके आगामी संवाद जैसे विषय शामिल रहे, जिन पर उन्होंने अपने साफ और सीधे अंदाज में जवाब दिया।

सत्र के दौरान आचार्य प्रशांत ने कठोपनिषद के गूढ़ श्लोकों पर गहन व्याख्यान दिया और जीवन, मृत्यु, भय, आत्मबोध तथा सत्य की खोज जैसे विषयों को अत्यंत सरल और प्रभावशाली ढंग से समझाया। उन्होंने उपनिषदों के संदेश को आधुनिक जीवन की चुनौतियों से जोड़ते हुए उपस्थित लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रतिभागियों के प्रश्न भी रहे, जहाँ लोगों ने अपने जीवन और समाज से जुड़े गहरे प्रश्न आचार्य प्रशांत के समक्ष रखे। आचार्य प्रशांत ने प्रत्येक प्रश्न का स्पष्टता, संवेदनशीलता और गहराई के साथ उत्तर दिया, जिससे पूरा वातावरण संवाद और बोध से भर उठा।

इससे पहले आचार्य प्रशांत के लुधियाना और शिमला में भी सत्र हुए। यह सत्रों की श्रंखला ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाती है जब आचार्य प्रशांत 30 मई को यूके के विख्यात कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में एक विशेष व्याख्यान देने वाले हैं। पश्चिम के सर्वोच्च शैक्षणिक मंचों पर भारतीय दर्शन और आत्मज्ञान की इस यात्रा को देखते हुए स्पष्ट होता है कि उनका संदेश अब केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा।