Sunday, 27 September 2026
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अक्षरधाम सनातनम गीत से भाव विभोर हो रहे हैं हजारों दर्शक

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अबोहर, फेस2न्यूज ब्यूरो:
रोबिनसविले न्यू जर्सी अमेरिका में उदघाटित दुनियां के तीसरे अक्षरधाम में प्रवेश करने वाले दर्शकों को अक्षरधाम सनातनम गीत भाव विभोर कर देता है। उदघाटन अवसर पर मौजूद हजारों भारतीय व विदेशी नागरिकों ने इसे श्रवण करके स्वयं को आनंदित अनुभव किया।
बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक मुखिया महंत स्वामी महाराज के आशीर्वाद, ईश्वरचरण स्वामी की प्रेरणा से हिंदी व संस्कृत भाषा के विद्वान एवम योगाचार्य अक्षरजीवन स्वामी रचित इस गीत को पराग शास्त्री ने संगीतबद्ध किया है। अक्षरजीवन स्वामी सैंकडों गीतों के कारण अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं।
संस्कृत भाषा में रचित गीत का भावार्थ यह है कि स्वामीनारायण अक्षरधाम सुन्दर एवं शुभ है। यह एक कलात्मक कृति है जो दिल को छू जाती है। समर्पित स्वयंसेवकों की सेवा से निर्मित यह परिसर सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक है। स्वामीनारायण अक्षरधाम भगवान का दिव्य निवास है।
अक्षरजीवन स्वामी का कहना है कि प्रमुख स्वामी महाराज से प्रेरित और महंत स्वामी महाराज के मार्ग दर्शन में निर्मित यह अति सुंदर भवन है जो शांति, खुशी और शक्ति प्रदान करता है।
गीत के माध्यम से संदेश दिया गया है कि अक्षरधाम शाश्वत है। यह जटिल नक्काशी और मूर्तियों से सुसज्जित है और सुनहरे कलशों और ध्वजदंडों से अलंकृत जिसमें सभी देवी-देवता और मुक्त आत्माएँ निवास करती हैं।
स्वामीनारायण अक्षरधाम भगवान का दिव्य निवास है। यह माया से परे परम स्थान है। यहां प्रत्येक व्यक्ति, परिवार, समुदाय और देश सभी दिल से जुड़ सकते हैं। जहां पृथ्वी एक घोंसला बन जाती है और विश्व एक परिवार, यह सनातन हिंदू धर्म का रक्षक और पोषक है और दर्शको को इंसानियत सिखाता है। यह आत्माओं को भवसागर से पार लगाने में मदद करता है।