Saturday, 29 August 2026
Breaking News
चण्डीगढ़ स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आशियाना की बेटियों ने लहराया परचम, जीते 25 पदक रोना भी ज़रूरी है जिंदगी के लिए......... लग्जरी कार में चंडीगढ़ से शराब भरकर ला रहे तस्कर काबू विभिन्न केसों में सजा भुगत रहे कैदियों एवं हवालातियों को राखी बांधने जेल पहुंची उनकी बहनें विश्व कप हॉकी: भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास विश्व शांति हेतु एक दिवसीय 11 कुंडीय महारूद्र यज्ञ किया  महाराष्ट्र की नेत्रहीन महिलाओं को सम्मानित कर विदा किया जीवन का आनंद दोस्तों के संग अगर महाभारत को सिर्फ पढ़ना नहीं, अनुभव करना चाहते हैं तो ज्योतिसर का महाभारत अनुभव केंद्र जरूर देखें पंजाब मंडी बोर्ड के प्रांगण में मनाया तीज का त्योहार
पंजाब Trending

मुख्याध्यापक ने पिछले 10 महीने से रूका वेतन जारी करने हेतु दिया शिक्षा विभाग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

Read in:Hindi

फाजिल्का, (दलीप)
पंजाब सरकार यह दावा करती है कि राज्य का हर वर्ग खुशहाल है। राज्य के प्रत्येक वर्ग का प्राथमिकता के आधार पर हर कार्य किया जा रहा है चाहे वह सरकारी स्कूल हो या स्वास्थ्य विभाग हो। दोनों को प्राथमिकता के आधार पर राज्य के नागरिकों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं व शिक्षा के माध्यम से दिल्ली पैटर्न प्रणाली पर राज्य के एडिड स्कूलों को एक रोल माडल का रूप दिया जा रहा है जबकि एडिड स्कूलों में कार्य करने वाले अध्यापक को पिछले 10 महीने से वेतन के नाम पर फूटी कौड़ी तक नसीब नहीं हुई।
ऐसा ही एक उदाहरण नगर के श्री जैन एलिमेंट्री प्राइमरी स्कूल को दिसंबर 1967 से ग्रांट इन एड लिस्ट पर पंजाब सरकार से 95 प्रतिशत ग्रांट प्राप्त कर रहा है और यह स्कूल नगर का पुराना स्कूल है जिसकी स्थापना 10 मई 1910 को हुई थी लेकिन इसमें कार्य करने वाले अध्यापक अजय ठकराल जो वर्तमान में मुख्याध्यपक के पद पर तैनात हैं तथा स्कूल में अकेले अध्यापाक ही कार्य कर रहे हैं, इनको 1 मार्च 2022 से आज तक वेतन के नाम पर फूटी कौड़ी तक नसीब नहीं हुई, फिर शिक्षा के नाम पर पंजाब सरकार व शिक्षा विभाग झूठे दावे कर रहा है।
इस संबंधी जानकारी देते हुए अध्यापक ठकराल ने बताया कि उन्होंने ग्रांट संबंधी फाइलें 11 अप्रैल 2022 को माननीय जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जमा करवा दी थी लेकिन इसके बावजूद जिला शिक्षा मुख्यालय ने न तो इस एतराज लगाया और न ही ग्रांट जारी हुई जिससे उनको 1 मार्च 2022 के बाद वेतन नहीं मिला। अब यह चिंता का विषय है कि अब यह अध्यापक अपना घर कैसे चलाएं। इस महंगाई के युग में बिना पैसे के घर कैसे चल सकता है यह तो समय के गर्भ में है क्योंकि जिस अध्यापक को 10 महीने वेतन ही न मिले वो स्कूल में क्या पढ़ाएगा। उन्होंने कई बार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय निवेदन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस संबंधी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
श्री ठकराल ने पंजाब सरकार व शिक्षा विभाग के उच्चधिकारियों से पुरजोर अपील करते हुए चेतावनी दी कि इस संबंधी अंतिम फैसला 1 सप्ताह के अंदर-अंदर फैसला ले नहीं तो इस संबंधी जल्द ही अगली रूपरेखा तैयार करने को मजबूर हो जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा मुख्यालय फाजिल्का व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की होगी।
इस संबंधी जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री कार्यालय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अंतिम फैसला माननीय डीपीआई सेकेंडरी शिक्षा की ओर से किया जाना है हमारे बस में कुछ नहीं है।