Tuesday, 20 October 2026
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रेखा शर्मा भारत के महिला आयोग की अध्यक्ष हैं या यूरोप अथवा अमेरिका के?

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अमृतसर, फेस2न्यूज:
अत्यंत दुख और हैरानी की बात है कि भारत के राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा यह सलाह दे रही हैं कि माता—पिता को लिव इन रिलेशनशिप को स्वीकार करना चाहिए। अफसोस है कि अध्यक्षा महोदया ने यह नहीं बताया कि वह अपने परिवार में अगर बच्चे लिव इन रिलेशनशिप का जीवन जिएं तो क्या उनका समर्थन करेंगी?
पंजाब में पूर्व केबिनेट मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि वह देश के गृहमंत्री और प्रधानमंत्री जी से बात करके सुप्रीम कोट्र द्वारा मान्यता प्राप्त लिव इन रिलेशनशिप को रद्द करवाने का प्रयास करतीं और लड़कियों को यह समझातीं कि विवाह जैसे सामाजिक पवित्र रिश्ते को छोड़कर लिव इन रिलेशनशिप में जाना अपनी जिंदगी को बर्बाद करना है। लिव इन रिलेशनशिप में बहुत सी लड़कियों ने आत्महत्या की है या हत्या हो गई है या पुरुष पार्टनर बलात्कार जैसे आरोप का सामना करते हुए जेल में बंद हैं। वैसे जो सहमति से साथ रहते और पति—पत्नी जैसा संबंध बनाते हैं वहां बलात्कार का केस दर्ज ही क्यों किया जाता है? यह कानून के रक्षकों को बताना होगा। महिला आयोग की अध्यक्षा से मेरा यह निवेदन है कि नई पीढ़ी के बच्चों को सही रास्ता दिखाएं न कि माता पिता को उनका यह रिश्ता स्वीकार करने की बात करें।

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