फाजिल्का: सनातन धर्म के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने वाले स्वतन्त्रता सेनानी, धार्मिक ग्रंथों व विश्व प्रसिद्ध आरती “ओम जय जगदीश हरे” के लेखक पंजाब के नगर फिल्लौर वासी पं. श्रद्धा राम फिल्लौरी की 189वीं जयंती श्री राम संकीर्तन मंदिर में मनाई गई।
मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रवक्ता लीला धर शर्मा ने पं. श्रद्धा राम फिल्लौरी के जीवन पर प्रकाश डालते बताया कि छोटी उम्र में ही उन्होनें संस्कृत, हिन्दी, उर्दू, फारसी में ग्रंथ व धार्मिक पुस्तकें लिखी। उन्होंने सन 1870 में विश्व प्रसिद्ध आरती “ओम जय जगदीश हरे” की रचना की। श्री राम संकीर्तन सभा मंदिर के प्रधान सतपाल उबवेजा व अन्यों ने मिल फिल्लौरी के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर आरती उतारी।
महिला संकीर्तन मंडली ने भजनों के माध्यम से नमन किया। ‘ओम जय जगदीश हरे’ आरती तो सभी करते हैं, परन्तु इनके रचयिता पं. श्रद्धा राम फिल्लौरी जैसे स्वतन्त्रता सेनानी को हमेशा याद रखना चाहिए।