Tuesday, 12 May 2026
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फोर्टिस मोहाली ने डायबिटीज के रोगी के गल सड़ चुके पैर को कटने से बचाया

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वर्ल्ड डायबिटीज डे : फोर्टिस अस्पताल अम्प्यूटेशन फ्री ट्रीटमेंट पर सदैव ज़ोर देता है: डॉ रावुल जिंदल

(MOREPIC1) आरके शर्मा /चण्डीगढ़  

शहर की एक 48 वर्षीय महिला, अपने बाएं पैर के अंगूठे में तीव्र गैंग्रीन (गलना सड़ना) के साथ-साथ टखने तक फैले सेल्युलाइटिस के कारण बेहद कठिन समय से गुजार रही थी। सेल्युलाइटिस स्किन की गहरी परतों में होने वाला एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। गैंग्रीन के कारण, रोगी हिल-डुल नही सकती थी, वह बहुत पीड़ा में थी ऐसे स्थिति में उनका पैर काटने के कगार पर थी। डायबिटिक और हाइपोथायरायडिज्म और को- मोरबीडीटीज़ ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति को और जटिल बना दिया था।

दर्द और बेचैनी को सहन करने में असमर्थ, उन्होंने इस साल सितंबर में फोर्टिस अस्पताल मोहाली के वैस्कुलर सर्जरी के डायरेक्टर डॉ रावुल जिंदल से संपर्क किया। चिकित्सा मूल्यांकन ने इस रोगी की स्थिति को डिस्टल वेसल डिजीज के रूप में डायग्नोसड किया, जो अल्सर को ठीक करने में बड़ी कठिनाई पैदा कर सकता है। उन्हें सेप्सिस भी हो गया था और इलाज में किसी भी तरह की देरी से उनके स्वास्थ्य को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते थे।(SUBHEAD)

जिंदल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने रोगी को इंट्रावेनस एंटीबायोटिक दवाइयां दीं और घाव को साफ किया। रोगी को एंटीकोगुलेंट (प्रिवेंट ब्लड क्लोट्स) और एंटी-प्लेटलेट्स (रक्त को कम चिपचिपा बनाने में सहायक) भी दिया गया। फोर्टिस मोहाली में अच्छे सके देख भाल के बाद मरीज सेप्सिस से उबरने में सफल रही और इलाज के छह दिन बाद 1 अक्टूबर को उन्हें छुट्टी दे दी गई। ऐसा कर उनके पैर को कटने से बचा लिया गया और उपचार के चार सप्ताह बाद वह अपनी दैनिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने में सक्षम हो गई हैं।

मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ जिंदल ने कहा, “मरीज को सेप्टीसीमिया और तीव्र गैंग्रीन हो गया था। हम उनके पैर को कटने से बचा सके और गैंग्रीन से उन्हें उभार पाए। मधुमेह के रोगियों में पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज (पीवीडी) विकसित होने का खतरा होता है। इससे सेल्युलाइटिस और गैंग्रीन हो सकता है। लेकिन समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप बीमारी को आगे बढ़ने और घातक होने से रोकने में मदद कर सकता है।

डायबिटीज से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए, डॉ जिंदल ने कहा, “डायबिटीज स्ट्रोक, दिल का दौरा, किडनी फेलियर और पीवीडी का एक प्रमुख कारण है। यह रोग मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्हें 10 साल से अधिक समय से डायबिटीज है, अनकंट्रोल शुगर के स्तर के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और धूम्रपान हिस्ट्री भी हो।