Saturday, 12 September 2026
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चंडीगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा,  रथ यात्रा पर निकले भगवान जगन्नाथ, उमड़ा जनसैलाब

फेस2न्यूज/ चंडीगढ़

उत्कल सांस्कृतिक संघ की ओर से जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-31 से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शहर में धूमधाम के साथ निकाली गई। फूलों और मालाओं से सजे भगवान जगन्नाथ ऐसे लग रहे थे, मानो उनका साक्षात अवतरण हुआ हो। रथयात्रा के दौरान उत्कल सांस्कृतिक संघ के पदाधिकारी इस्कॉन और श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के संन्यासी और भक्त कीर्तन करते रथयात्रा में चल रहे थे। रथयात्रा का शहर में जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। श्रद्धालु रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जय श्री जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए व उनका गुणगान करते हुए चल रही थी। शहर के विभिन्न सेक्टरों से आए भक्त भगवान की रथयात्रा में शामिल हुए पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

रथयात्रा के मुख्य राजा डॉ. देबादत्ता पानिग्रही जी ने ‘छेरा पहरा’ (सोने की झाड़ू से रथ साफ करना) की रस्म निभाई और भगवन का आशीर्वाद लिया। भगवान जगन्नाथ की पूजा- अर्चना के बाद दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा की शुरुआत हुई। मुख्य (अतिथि चीफ गेस्ट माननीय श्री दीप्रवा लकड़ा, आईएएस वित्त सचिव चंडीगढ़ प्रशासन (यूटी) तथा श्याम लाल बंसल मेयर पंचकूला ने सांझे रूप में भक्तों के साथ जगनाथ यात्रा में भगवान का आशीर्वाद लिया व यात्रा का शुभारंभ किया। इसके अलावा पद्म श्री प्रो. (डॉ.) दिगंबर बेहरा, पूर्व डीन (अनुसंधान) एवं पूर्व अध्यक्ष, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग पीजीआईएमईआर पीजीआई , माननीय प्रो. (डॉ.) राधा कांत राठो डीन (अकादमिक) पीजीआई, डॉ. सुशांत कुमार साहू एसोसिएट प्रोफेसर, न्यूरोसर्जरी विभाग पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ व् श्मनोज कुमार महापात्र आदि भी विशेष तोर पर मौजूद रहे।

इस मौके पूरा शहर जय जगन्नाथ की जयघोष से गूंज उठा। यात्रा में रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यात्रा के साथ भक्त नाचते-गाते हुए चल रहे थे। भगवान रथ में सवार थे और भक्त उनकी मस्ती में झूम रहे थे। मान्यता के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले। इस रथ यात्रा में भगवान बलराम की पालकी को खींचने से पाप से मुक्ति के द्वार की तरफ प्रस्थान माना जाता है। रथ यात्रा सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर सेक्टर-32, 29, 30, 20, 21, 34, 44, 45, और सेक्टर-47 होते हुए सेक्टर-31 स्थित मंदिर में 9 बजे के करीब दोबारा मंदिर में पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया।

उत्कल सांस्कृतिक संघ के (वाइस चेयरमैन एस के भुइयां) ने बताया कि रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ मौसी के घर पहुंचे। बहुड़ा यात्रा के बाद वह दोबारा श्री मंदिर में पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि 17 से 24 जुलाई तक मंदिर परिसर में शाम 8 बजे से 10 बजे तक भजन संध्या का आयोजन होगा व बहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को होगी।

आयोजकों एवं स्वयंसेवकों ने यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया। यह रथ यात्रा सामाजिक एकता, धार्मिक सौहार्द और भगवान जगन्नाथ के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक बनी।

उत्कल सांस्कृतिक संघ के (संयुक्त सचिव बी पात्रा) ने बताया कि मान्यता के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलभद्र के साथ अपने भक्तों को दर्शन देते हुए मौसी मां के घर पर जाएंगे। यहां नौ दिन रहेंगे। मौसी मां के घर उनके मनोरंजन के साथ ही विभिन्न् सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 24 जुलाई को भगवान वापस मंदिर में आएंगे। इसे बाहुड़ा यात्रा कहा जाता है। वहीं रुठी हुई माता लक्ष्मी को मनाएंगे। मान्यता के अनुरूप मनाते हुए अपने पर वापसी करेंगे।

इस अवसर पर विशेष तौर पर संस्था के अध्यक्ष प्रो. आर के रथों और पदाधिकारी सुशांत कुमार, भाभागृही पत्ता, अरुण कुमार, बसंत कुमार दास, पीएन मलिक, रतिकांत, प्रशांत, कुमार, दिवाकर जी, कोषाध्यक्ष एसके नायक मौजूद रहे।