Tuesday, 15 September 2026
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नेचुरोपैथी में रोगी का सिर्फ इलाज ही नहीं होता रोगी को जीने की सही कला भी सिखाई जाती है : देवराज त्यागी

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वरदान नेचुरोपैथी केंद्र के विद्यार्थियों ने एनडीडीवाई की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया

फेस2न्यूज /चण्डीगढ़

वरदान नेचुरोपैथी एवं योग इंस्टिट्यूट, चण्डीगढ़ के मैनेजिंग डायरेक्टर सुभाष गोयल ने बताया कि जून 2025 की प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (एनडीडीवाई ) की परीक्षा का रिजल्ट गांधी नेशनल अकैडमी आफ नेचुरोपैथी, नई दिल्ली ने घोषित कर दिया है जिसमें तृतीय वर्ष (फाइनल) में नवीन ने प्रथम (723/1000 ), ज्योतिबाला ने द्वितीय (674/1000 ) तथा श्रीमति अनूप गोयल ने तृतीय स्थान (653/1000 ) प्राप्त किया है जबकि द्वितीय वर्ष में आशा देवी ने प्रथम (195/300 ), कल्पना ने द्वितीय (194/300 ) तथा परमजीत कौर एवं सौरव ने तृतीय (180/300 ) स्थान प्राप्त किया तथा प्रथम वर्ष की परीक्षा में डॉ जसविंदर कौर प्रथम (199/300 ) दिव्यम छाबड़ा द्वितीय (198/300 ) तथा अर्शदीप कौर तृतीय (195/300 ) स्थान पर रहे। सुभाष गोयल ने सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

समिति के संयोजक देवराज त्यागी (प्राकृतिक चिकित्सक ) ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा करने वाला व्यक्ति रोगी का सिर्फ इलाज ही नहीं करता बल्कि रोगी को रहने सहने या जीने की सही कला भी सिखाता है जिससे रोगी के रोग तो दूर हो ही जाते हैं और वह भविष्य में बीमार पड़ने से बचा रहता है। अन्य पद्धतियों के चिकित्सक तो केवल रोग के अध्ययन में ही रुचि लेते हैं किंतु प्राकृतिक चिकित्सक स्वास्थ्य के अध्ययन में रुचि लेता है।