Monday, 19 October 2026
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चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कृष्ण बाल लीलाओं ने मोहा मन, इंद्रेश महाराज ने की अगले वर्ष नौ दिवसीय राम कथा की घोषणा

चंडीगढ़”  सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं के रस में सराबोर नजर आए। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति, कीर्तन तथा भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता ने आयोजन के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को दर्शाया।

कथा के दौरान व्यास पीठ से पूज्य इंद्रेश महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण के नामकरण संस्कार, उनकी नटखट बाल लीलाओं तथा घुटनों के बल आंगन में चलने जैसे मनोहारी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। इन प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया।

कीर्तन की महिमा बताते हुए महाराज जी ने दिया सकारात्मकता का संदेश

इंद्रेश महाराज जी ने कीर्तन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य छोटी-छोटी बातों और विवादों में अपनी आवाज ऊंची करने से पीछे नहीं हटता, लेकिन जब भगवान के नाम का कीर्तन करने की बात आती है, तो अक्सर संकोच करने लगता है। उन्होंने समझाया कि कीर्तन पूरे उत्साह, श्रद्धा और खुले मन से करना चाहिए, ताकि उसकी ध्वनि केवल स्वयं तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास मौजूद अन्य लोग भी उसका लाभ प्राप्त कर सकें।
महाराज जी ने कहा कि भक्ति और कीर्तन की सकारात्मक तरंगों का प्रभाव व्यापक होता है। इसकी पवित्र ध्वनि मनुष्यों के साथ-साथ प्रकृति और समस्त जीव-जगत के कल्याण की भावना को भी प्रेरित करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में नियमित रूप से भगवान का स्मरण और सामूहिक कीर्तन शामिल करें।

अगले वर्ष चंडीगढ़ में होगी नौ दिवसीय भव्य राम कथा

कथा के चतुर्थ दिवस का प्रमुख आकर्षण इंद्रेश महाराज जी की आगामी वर्ष को लेकर की गई घोषणा रही। उन्होंने श्रद्धालुओं को जानकारी दी कि अगले वर्ष चंडीगढ़ में भव्य नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने भावपूर्ण अंदाज में कहा कि ब्रजवासी के मुख से अयोध्यावासी भगवान श्रीराम की कथा सुनने का आनंद और आध्यात्मिक रस अपने आप में विशेष अनुभूति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी राम कथा सात दिन की नहीं, बल्कि पूरे नौ दिनों तक आयोजित की जाएगी। इस घोषणा से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित भक्तों ने भगवान श्रीराम की कथा के आगामी आयोजन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की।

बी प्राक ने आयोजन को बताया प्रभु की कृपा

प्रसिद्ध गायक बी प्राक ने श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इतना बड़ा धार्मिक आयोजन कर पाना उनके लिए स्वयं में एक विशेष अनुभव है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि शुरुआत में उन्हें भी विश्वास नहीं था कि वह इस तरह का आयोजन कर पाएंगे, लेकिन पूज्य इंद्रेश महाराज जी के आशीर्वाद से यह संभव हो सका।

बी प्राक ने कहा कि संतों का आशीर्वाद और भगवान की कृपा जीवन में असंभव लगने वाले कार्यों को भी संभव बना सकती है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों और कथा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि भक्तों का प्रेम और सहयोग ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों को सफल बनाने की प्रेरणा देता है।

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