Tuesday, 14 July 2026
Breaking News
"बड़े बे आबरू हो कर तेरे कूचे से हम निकले" एक लावारिस सड़क "एक पेड़ – एक जिम्मेदारी, एक बेहतर कल की तैयारी" नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः मुख्यमंत्री गढ़वाल महिला विकास संगठन चंडीगढ़ द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित सिंगिंग सोल’स द्वारा संगीतमय कार्यक्रम मेमरीज़ ऑफ रफ़ी साहेब आयोजित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ श्री णमोकार महामंत्र पाठ एवं श्री भक्तामर दीपार्चना पीर मुच्छल्ला में एल'मोरा ज्वेलर्स ने खोला का आधुनिक शोरूम  भारतीय जीवन बीमा निगम की दो दिवसीय नॉर्थ ज़ोन बैडमिंटन और टेबल टेनिस प्रतियोगिता 15 जुलाई से पूर्व राज्यपाल के बरनाला निवास पर हुई पंजाबी फिल्म "सतलुज" की स्क्रीनिंग
चंडीगढ़ Trending

क्षमावाणी पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आत्मचिंतन के साथ मनाया गया

Read in:Hindi

(MOREPIC1)  फेस2न्यूज /चंडीगढ़ 

श्री दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 27 में क्षमावाणी पर्व रविवार अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आत्मचिंतन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद सत्यपाल जैन मुख्य अतिथि व एडवोकेट अजय जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के उपरांत जयपुर से पधारे विपिन जैन ने पक्षी मुक्ति पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने पक्षियों की स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को कभी किसी पक्षी को पिंजरे में नहीं रखने का प्रण दिलवाया।

सत्यपाल जैन ने क्षमावाणी पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर संबोधन देते हुए कहा कि क्षमा केवल शब्द नहीं, बल्कि आत्मा की महानता है। क्षमा ही आत्मा का आभूषण है और इसी के माध्यम से हम वैर, द्वेष और अहंकार से मुक्ति पा सकते हैं।

मंदिर समिति के सभी सदस्य धर्म बहादुर जैन, एडवोकेट आदर्श जैन, संत कुमार जैन, एडवोकेट राजा बहादुर सिंह जैन, आशीष जैन, शरद जैन, नीरज जैन, करुण जैन, रमेश जैन, इन्दर मल जैन, डॉ आशीष जैन, दामोदर दास जैन, कैलाश जैन, पंचकूला दिगम्बर जैन समाज से किशोरी लाल जैन, प्रदीप जैन इस पावन अवसर पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत उन आठ श्रद्धालुओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने दशलक्षण पर्व में दस दिन के व्रत किये थे। नमिता जैन, प्रीति जैन, कविता जैन, सोनिया जैन, रानी जैन, अमित जैन, जनित जैन, आदित्य जैन ने पूरे 10 दिन के व्रत किये जिसमे भोजन तो दूर पानी भी नहीं लिया जाता। कार्यक्रम का समापन मंगल पाठ एवं “मिच्छामी दुक्कड़म” व क्षमा की भावना के साथ हुआ। तत्पश्चात सभी ने सात्विक भोजन ग्रहण किया।