Tuesday, 08 September 2026
Breaking News
मां मनसा देवी निष्काम सेवक संघ ने लगाया 12वां ब्लड डोनेशन कैम्प मनोज धीमान की हिंदी की दो और फिक्शन पुस्तकें प्रकाशित m‘राज़ की बात’ और ‘महामानव’ के प्रकाशन के साथ हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों की संख्या दस हुई पौड़ी गढ़वाल एकता मंच के महिला प्रकोष्ठ ने किया रामायण पाठ का आयोजन शिक्षा में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए इंदु बब्बर राज्य पुरस्कार से सम्मानित आचार्य देवों भवा 2026 में चंडीगढ़ से पहुंचे डॉ. अमनदीप सिंह को ज्योतिष एवं अंकशास्त्र के क्षेत्र में विशेष सम्मान 1965 के भारत-पाक युद्ध की दास्तां, जब फाजिल्का क्षेत्र खाली हो गया था संत विनोबा भावे सम्मान-2026 समारोह में साहित्य, पत्रकारिता एवं समाजसेवा की विभूतियाँ सम्मानित उत्तराखंड भ्रातृ संगठन का भव्य लाइट एंड साउंड शो और श्रीकृष्ण बाल लीलाओं का सफल मंचन भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान के अध्यक्ष कुरेशी का अपहरण और यातनाएं पुलिस ने किया एक प्रदर्शनकारी के साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार: सुखबीर सिंह बादल
राष्ट्रीय Trending

उत्कृष्ट युवा लेखक के रूप में चयनित पीयू के छात्र सरताज ने गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के विषय पर लिखी पुस्तक

Read in:Hindi

चण्डीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब यूनिवर्सिटी, चण्डीगढ़ के एनएसएस स्वयंसेवक व राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र सरताज सिंह, जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री यूथ स्कीम में उत्कृष्ट युवा लेखक के रूप में चयनित किए गए हैं, ने भारत की आजादी के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के ऊपर एक पुस्तक की रचना की व इसकी एक प्रति पंजाब यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. रेणु विज को भेंट की। उक्त योजना में चयनित होने पर उन्हें 3 लाख रुपए का नगद पुरस्कार भी दिया गया था। चयनित होने के उपरांत सरताज सिंह को नेशनल बुक ट्रस्ट, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारत की आजादी के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के ऊपर एक पुस्तक लिखने का अवसर प्रदान किया गया, जिस पर सरताज सिंह के द्वारा कठिन परिश्रम के साथ पंजाबी भाषा में भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के विषय पर पुस्तक की रचना की गई जिसको शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा प्रकाशित किया गया है और नई दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला 2023 में केंद्रीय राज्य शिक्षा व विदेश मंत्री राजकुमार सिंह रंजन के द्वारा उनकी पुस्तक का विमोचन किया गया।
सरताज सिंह ने जानकारी देते हुए यह बताया कि भारत की आजादी के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के विषय पर लिखना उनके लिए बड़े ही गर्व की बात है क्योंकि आजादी के 75 वर्षों के अंदर जिनकी चर्चा तक नहीं की गई है, उनको समाज के समक्ष लाना एक सराहनीय कार्य है।
उन्होंने अन्य युवाओं को भी कहा कि वे भी लेखन के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास करें।