Wednesday, 22 April 2026
Breaking News
अक्षय तृतीया पर श्री राम वेद गुरुकुलम में शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 27-बी में अक्षय तृतीया पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने का विरोध   वर्तमान में "अहिंसा परमो धर्म:" की भावना पहले से अधिक प्रासंगिक : श्री नायब सिंह सैनी गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन का 16वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न गुरप्रीत कौर बनीं वीजी मिसेज इंडिया ग्लोबल आइकन फिनेस्स-2026 की उपविजेता महिला कांग्रेस नेत्री ममता डोगरा ने प्रधानमंत्री पर तीखा निशाना साधा, कहा पहले से पारित महिला कांग्रेस आरक्षण बिल लागू क्यों नहीं किया हर संकट में मददगार बन जाती हैं दुआएं क्योंकि दुआएं कमाना ही जीवन की सच्ची कमाई है : बीके उषा दीदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से अधिक समावेशी और समतावादी समाज का निर्माण होगा : मोनिका भारद्वाज डॉ. नागपाल की नवीनतम पुस्तक का विमोचन 20 अप्रैल को 
चंडीगढ़ Trending

भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है : गुलाबचंद कटारिया

Read in:Hindi

पंजाब लोक भवन में वाल्मीकि रामायण (बालकांड) के पंजाबी अनुवाद का विमोचन समारोह आयोजित

फेस2न्यूज/चण्डीगढ़ :

पंजाब लोक भवन में पंजाब के राज्यपाल एवं चण्डीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने सप्त सिंधु अंबेडकर स्टडी सेंटर, चण्डीगढ़ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण (बालकांड) के पंजाबी अनुवाद का विमोचन किया।

गुलाबचंद कटारिया ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा कराए गए पंजाबी अनुवाद के कार्य की सराहना की व इसे समयानुकूल बताया। उन्होंने वाल्मीकि रामायण और श्रीराम के जीवन चरित्र के वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है। श्री रामचंद्र का जीवन चरित्र भारतीय समाज की आत्मा है, जो हमें त्याग, कर्तव्यपरायणता और न्याय के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। आज के युग में जब विश्व शांति और सद्भाव की खोज कर रहा है, तब रामायण के आदर्श पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोने की क्षमता रखते हैं।

इस अवसर पर हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने रामायण के दार्शनिक और साहित्यिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रामायण का पंजाबी अनुवाद इस महान ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने भगवान वाल्मीकि को आदिकवि बताते हुए उनके द्वारा स्थापित सामाजिक समरसता के सिद्धांतों की सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन सरदार सतिंदर सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य विभूतियां उपस्थित रहीं, जिनमें मुख्य रूप से रविंद्र सिंह बलियाला चेयरमैन, अनुसूचित जाति आयोग, हरियाणा, दविंदर सिंह, अध्यक्ष, सप्तसिंधु डॉ भीम राव अध्ययन केंद्र चंडीगढ़ एवं यश गिरी, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, पंजाब, दिनेश वाल्मीकि व मनजीत सिंह, सदस्य सचिव, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सप्त सिंधु अंबेडकर स्टडी सेंटर के प्रतिनिधियों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना रहा।