सेक्टर 28 की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी चल रही टेंट में : डिस्पेंसरी की बिल्डिंग असुरक्षित घोषित
(MOREPIC1) चंडीगढ़, फेस2न्यूज
जी हां! यह हादसों का शहर है, जरा संभल के रहा करो। चाहे स्कूल हो या कोई सरकारी या गैर सरकारी संस्थान, यहां जागने से पहले हादसे के होने का इंतजार किया जाता है। स्मार्ट सिटी तो कहने के लिए है, परंतु ब्यूरोक्रेट तभ जागते हैं जब हादसा हो जाता है।
कार्मल कान्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने का विवाद अभी थमा नहीं है कि अब एक सरकारी बिल्डिंग गिरने को है। बेशक वहां मौजूद डॉक्टर ने तो अब टैंट में बैठना शुरू कर दिया है, परंतु स्टाफ पर जान को बनी है, क्योंकि स्टाफ अनसेफ बिल्डिंग में बैठता है। सेक्टर 28 की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में नए डॉक्टर ने आते ही इस बिल्डिंग को असुरक्षित घोषित करवा दिया और बाहर टेंट लगा कर ओपीडी शुरू कर दी।(SUBHEAD)
इस बिल्डिंग में अभी कुछ साल पूर्व तब के सलाहकार विजय देव ने पंचकर्मा सेंटर का उद्घाटन किया था। पिछले दिनों आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डॉक्टरों की बदली के बाद यहां नए डॉक्टर की नियुक्ति हुई। चार्ज लेते ही उन्हें आभास हुआ कि ये बिल्डिंग असुरक्षित है, तुरंत पहला काम बिल्डिंग असुरक्षित घोषित करवा दी। इससे साबित होता है कि पहले जो भी स्टाफ और मरीज़ यहां आ रहे थे असुरक्षित थे, कोई बड़ा हादसा होता तो कौन जिम्मेदार होता? क्या स्कूल की घटना जैसा कुछ घट जाता या नए महोदय को नई बिल्डिंग नया ऑफिस चाहिए था । ये चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बिल्डिंग में कोविड की डोज की भी सुविधा है।