Monday, 03 August 2026
Breaking News
असम की बाढ़: बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति पर उठे सवाल हमारे समय तुम कहां थे प्रभु? पंजाब के पाँच लाख युवा नशे के खिलाफ लेंगे संकल्प : सांसद विक्रम साहनी तथास्तु वूमेन एम्पावरमेंट विंग 14 अगस्त को आयोजित करेगा "तीज मुटियारां दी" का भव्य उत्सव फर्जी पीएचडी प्रकरण: सेवा से हटाए गए तीन असिस्टेंट प्रोफेसर अंतरिम राहत के बाद फिर हुए कार्यभार ग्रहण दिल्ली अक्षरधाम में "विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा" कार्यक्रम का आयोजन ठहरे चरण, बहती करुणा: चातुर्मास का गूढ़ दर्शन और सूक्ष्म अहिंसा श्री नयना देवी धाम पर बरनाला के धार्मिक संगठन को मिली मेडिकल शिविर लगाने की अनुमति एडवोकेट रोहित जोशी लोजपा (रामविलास), चण्डीगढ़ के लीगल सेल के जिला अध्यक्ष नियुक्त मुख्यमंत्री ने ‘जाखू मन्दिर-संजीवनी बूटी का रहस्य’ पुस्तक का किया विमोचन
चंडीगढ़ Trending

वैश्विक ऊर्जा संकट: सुखना झील जैसे ध्वनि प्रदूषण मुक्त घोषित क्षेत्र में एयर शो के औचित्य पर सवाल उठाए वसीम मीर ने

Read in:Hindi

(MOREPIC1) फेस2न्यूज /चंडीगढ़ 

सेक्टर-16, अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य वसीम मीर ने शहर में आयोजित एयर शो को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक ओर पूरा विश्व ऊर्जा संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार के आयोजनों में भारी मात्रा में ईंधन खर्च किया जाना चिंताजनक है।

वसीम मीर ने मरीजों, घरों में रह रहे बीमार बुजुर्गों तथा सुखना झील के आसपास रहने वाले बेजुबान जीवों के लिए चिंता जताते हुए कहा कि शहर में कई बुजुर्ग और बीमार लोग ऐसे हैं जो शांति और स्वच्छ वातावरण पर निर्भर हैं, जबकि इस तरह के आयोजनों से उत्पन्न शोर और प्रदूषण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके साथ ही सुखना क्षेत्र में रहने वाले पक्षी और अन्य जीव भी इससे प्रभावित होते हैं।

उन्होंने प्रशासन के दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब सुखना लेक पर कोई आम नागरिक छोटा सा कार्यक्रम करना चाहता है, तो उसे ध्वनि प्रदूषण जैसे नियमों का हवाला देकर अनुमति नहीं दी जाती, जबकि बड़े आयोजनों में सभी प्रकार की अनुमति आसानी से दे दी जाती है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि शहर में आए दिन कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं, कहीं-कहीं गोलीबारी जैसी घटनाएं भी हो रही हैं। ऐसे में जहां पुलिस बल की जरूरत आम जनता की सुरक्षा के लिए है, वहीं इस प्रकार के आयोजनों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना भी एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए और जनता की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। अंत में वसीम मीर ने प्रशासन से अपील की कि वह जनहित को ध्यान में रखते हुए संतुलित और जिम्मेदार निर्णय ले।