Friday, 02 October 2026
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एमडीआर के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान वापस, वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद व्यापारिक संगठनों ने लिया निर्णय: हरीश गर्ग

चंडीगढ़: कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के नेतृत्व में देश के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर व्यापारिक समुदाय की चिंताओं से अवगत कराया।

बैठक में चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में व्यापारिक संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल में कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी. सी. भरतिया, AICPDF के अध्यक्ष श्री धैर्यशील पाटिल, AIMRA के चेयरमैन श्री कैलाश लाखयानी श्री सुमित अग्रवाल अन्य प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल थे।

बैठक के बाद कैट चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष श्री हरिश गर्ग ने कहा कि वित्त मंत्री के साथ हुई सकारात्मक एवं रचनात्मक चर्चा तथा व्यापारिक संगठनों की चिंताओं पर समुचित विचार किए जाने के आश्वासन के बाद AICPDF और AIMRA ने 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित ‘नो यूपीआई डे’ के आह्वान को वापस लेने का निर्णय लिया है।

श्री हरिश गर्ग ने कहा कि व्यापारिक समुदाय डिजिटल भुगतान और यूपीआई की सफलता का पूर्ण समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी यूपीआई के विरोध में नहीं हैं, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों, विशेषकर छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।

उन्होंने कहा कि यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान को नई दिशा दी है और यह विश्व स्तर पर भारत की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसलिए आवश्यक है कि यूपीआई से संबंधित नीतियां व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित एवं व्यावहारिक हों।

श्री गर्ग ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनना और व्यापारिक संगठनों के साथ संवाद बनाए रखने का आश्वासन सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच निरंतर संवाद के माध्यम से ऐसा समाधान निकलेगा, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और देश के करोड़ों व्यापारियों एवं एमएसएमई पर अनावश्यक आर्थिक भार न पड़े।

श्री हरिश गर्ग ने केंद्रीय वित्त मंत्री एवं वित्त मंत्रालय का व्यापारिक समुदाय की चिंताओं को सुनने और सकारात्मक संवाद के लिए आभार व्यक्त किया।