Tuesday, 29 September 2026
Breaking News
राजस्थान परिवार ट्राइसिटी की ‘चाय पर चर्चा’ में समाज की समस्याओं और भागीदारी पर मंथन 20वें एशियाई खेलों कें पदक विजेताओं को दी जाएगी 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशिः मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल विजेता सुरुचि को मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने फ़ोन पर दी बधाई, -डीसी वर्षा खांगवाल ने किया सम्मानित ढकोली में ओआरसी सैनिक अकादमी ने चलाया पौधारोपण अभियान प्रॉपर्टी फेडरेशन, चण्डीगढ़ को मिला नया नेतृत्व : नरेश बंसल अध्यक्ष निर्वाचित *नमो मैराथन में फरीदाबाद की धरती से नशे के खिलाफ आज हरियाणा की बुलंद आवाज उठी है : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी टैगोर थिएटर में बिखरे बॉलीवुड मेलोडीज़ के रंग: 'सुरीला सफ़र-30' में गूंजी लता जी की यादें पंजाब सरकार नौकरियों पर श्वेत पत्र जारी कर बताए पांच साल में कितने युवाओं को रोजगार दिया : मुख्यमंत्री नायब सैनी सभी राज्यों को 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाने के लिए परामर्श दशलक्षण पर्व के दसवें दिन उत्तम त्याग धर्म की हुई आराधना
राष्ट्रीय Trending

दादी हृदयमोहिनी की पांचवी पुण्य तिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

Read in:Hindi

राज सदोष/अबोहर 

ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी ह्दयमोहिनी जी की 5वीं पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में विशाल श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन आबू रोड में किया गया। इस दौरान दादी की समाधि स्थल अव्यक्त लोक पर प्रातः ध्यान साधना के बाद संस्था की मुख्य प्रशासिका मोहिनी दीदी, अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके मुन्नी दीदी, जयन्ति दीदी, महासचिव बीके करुणा, अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कुछ देर मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

डायमंड हॉल में आयेाजित श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए संस्था की प्रमुख मोहिनी दीदी ने कहा कि गुलजार दादी का जीवन हमेशा मानवता की सेवा में रहा। मन बचन कर्म और संकल्प के साथ ही वे हमेशा ही दूसरों के भलाई के लिए कार्य करती रही। उनके संकल्पों में आमजन के लिए करुणा का भाव था। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके मुन्नी दीदी ने कहा कि दादी के अंग संग रहने का सौभाग्य मिला। उनके हर कदम से सीखने को मिलता था। उनके चेहरे में रूहानियत और प्रेम का भाव लोगों को सहज ही अपना बना लेता था ।

(SUBHEAD)महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि दादी बाल्यकाल से ही मानवता की सेवा का भाव रखती थी। उन्होनंे अल्प आयु में ही अपना जीवन मानवता की सेवा में समर्पित कर दी। फिर उन्होंने अपना समय श्वास संकल्प सब कुछ सफल कर दिया।

इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने क्रम बद्ध होकर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दादी के कमरे तथा उनके मेडिटेशन कक्ष में भी कुछ समय ध्यान साधना कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में ज्ञानामृत पत्रिका के प्रधान सम्पादक बीके आत्म प्रकाश, विज्ञान एवं अभियन्ता प्रभाग के अध्यक्ष मोहन सिंघल, संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके सुदेश दीदी, बीके प्रकाश भाई, बीके राजू भाई, बीके देव भाई, जापान की बीके रजनी दीदी समेत कई लोग उपस्थित थे।