Tuesday, 08 September 2026
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एसवाईएल पर 14 अक्तूबर को होगी हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों की बैठक

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चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर 14 अक्तूबर को हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री की बैठक होगी। सुबह साढ़े 11 बजे होने वाली इस बैठक में मामले के समाधान के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहेंगे। बैठक से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि एसवाईएल हरियाणावासियों का हक है और उन्हें पूरी आशा है कि उन्हें उनका यह हक़ अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लिए एसवाईएल का पानी अत्यंत आवश्यक है। अब इस मामले में एक टाइम लाइन तय होना जरूरी है, ताकि प्रदेश के किसानों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई की शुक्रवार को होने वाली इस अहम् बैठक से कोई हल जरूर निकलेगा।
सर्वविदित है कि सर्वोच्च न्यायालय के दो फैसलों के बावजूद पंजाब ने एसवाईएल का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों को लागू करने की बजाए पंजाब ने वर्ष 2004 में समझौते निरस्तीकरण अधिनियम बनाकर इनके क्रियान्वयन में रोड़ा अटकाने का प्रयास किया। गौरतलब है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के प्रावधान के अंतर्गत भारत सरकार के आदेश दिनांक 24.3.1976 के अनुसार हरियाणा को रावी-ब्यास के फालतू पानी में से 3.5 एमएएफ जल का आबंटन किया गया था। एसवाईएल कैनाल का निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से हरियाणा केवल 1.62 एमएएफ पानी का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब अपने क्षेत्र में एसवाईएल कैनाल का निर्माण कार्य पूरा न करके हरियाणा के हिस्से के लगभग 1.9 एमएएफ जल का गैर-कानूनी ढंग से उपयोग कर रहा है।