Thursday, 23 July 2026
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बढ़ती अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या बन रही है लोगों के झगड़ो का कारण

Photo by: Pankaj
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जीरकपुर, कृत्रिका:
जीरकपुर शहर जो 20 साल पहले बसना शुरू हुआ था, में अब हालात ये हो गए हैं कि आबादी तो 6 लाख के करीब हो गई है लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण शहर में पार्किंग की बहुत ज्यादा कमी खलने लग गई है। यह कहना है रेजिडेंट वैलफेयर एसोसिएशन, जॉइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखदेव चौधरी का। चौधरी ने कहा कि दिन-ब-दिन बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण वाहन मालिकों के लिए पार्किंग एक दुःस्वप्न बन गया है। शहर में पार्किंग की जगह नहीं होने के कारण लोग अपने वाहनों को घरों के सामने पार्क कर देते हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि यातायात की भीड़ को कम करने के लिए, सामुदायिक पार्किंग और भूमिगत पार्किंग समय की आवश्यकता है। चौधरी ने मांग की है कि नगर परिषद को प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता के अनुसार खुले स्थानों की पहचान करनी चाहिए, जिन्हें सामुदायिक पार्किंग स्थल में परिवर्तित किया जा सकता है। प्रशासन को इस समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। सुबह और रात के समय यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। शाम को वाहनों की पार्किंग के लिए स्कूलों व धार्मिक प्रतिष्ठानों को आम लोगों के लिए खोल दिया जाना चाहिए। प्रशासन को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बहुमंजिला पार्किंग की योजना बनानी चाहिए। लोगों से छोटी दूरी पैदल ही तय करने का आग्रह किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के 20 सालों के अव्यवस्थित विकास व पार्किंग की जगह न छोड़ किए गए अवैध निर्माणों की वजह से पार्किंग परिदृश्य वर्तमान आवश्यकताओं से बहुत कम हो रहा है। लोग अपने वाहनों को बेतरतीब ढंग से पार्क कर देते हैं, जिससे राहगीरों को परेशानी होती है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है, यहाँ तक कि पार्किंग की वजह से लड़ाई झगड़े होना भी आम बात हो गई है। अधिकारियों और लोगों के संयुक्त प्रयासों से समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के साधनों में सुधार समय की मांग है। प्रशासन को जरूरत के हिसाब से पार्किंग स्थलों का निर्माण करना चाहिए। लोगों को अपने वाहन उचित स्थान पर ही पार्क करने चाहिए ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में फायर बर्गेड और एंबुलेंस के रास्ते मे कोई रुकावट न बने और जान और माल का बचाव हो सके। लोग अपने वाहनों को फुटपाथ, फिसलन वाली सड़कों, खेल के मैदानों या सड़कों के किनारे पार्क नहीं करना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस को वाहन मालिकों से कहना चाहिए कि वे अपने वाहनों को अनाधिकृत स्थानों पर पार्क न करें। प्रशासन को उलंघन करने वालों के खिलाफ सख्त नियम कानून बनाने चाहिए।