Tuesday, 30 June 2026
Breaking News
दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति के प्रांतीय वर्ग में 2 सौ से ज्यादा युवतियों ने लिया शौर्य प्रशिक्षण  गांधी स्मारक भवन प्रबंधन पर कोर्स पूरा होने से पहले 10 हजार अतिरिक्त फीस मांगने का आरोप धर्म में भाव और विवेक सर्वोपरि - क्षुल्लक प्रज्ञांश सागर  करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी, हरियाणा और इंडस वैली क्रिकेट अकादमी, डेराबस्सी की टीमें फाइनल में डिफरेंटली डिफरेंट–पंचम : द लीजेंड में पंचम दा को संगीतमय श्रद्धांजलि श्री अमरनाथ धाम यात्राः शिव सेवा संघ द्वारा लंगर प्रबंधन के लिए राशन से भरे ट्रक रवाना राष्ट्र स्तरीय शूलिनी मेला संपन्न,राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने की ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना इलेक्ट्रिक बसों पर सरकार 50 और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: मुख्यमंत्री मासिक नवकार महामंत्र पाठ एवं भक्तामर दीप अर्चना, जैन मिलन ने मेनका गाँधी की आलोचना की आखिर व्यंग्य क्या है?
पंजाब Trending

मंदिर के पुजारी की मंदिर में मिली फंदे पर लटकती लाश

Read in:Hindi

अबोहर, दलीप:
उपमंडल के गांव गिदडांवाली के नजदीक स्थित बाबोसा मंदिर के पुजारी की मंदिर में ही फांसी पर लटकती लाश मिली है। लाश को थाना खुइयां सरवर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए अबोहर के सरकारी अस्पताल में रखवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि मामला अत्महत्या का है या मृतक किसी साजिश का शिकार हुआ है।
मिली जानकारी अनुसार गांव गिदडांवाली के नजदीक प्रसिद्ध बाबोसा मंदिर के पुजारी सुनील कुमार पुत्र महावीर की मंदिर में ही लाश फंदे से लटकती मिली है। पुजारी सुनील अपनी पत्नी और दो छोटी-छोटी बच्चियों के साथ मंदिर में रहता था। सुनील मूल रूप से राजस्थान के तारानगर का रहने वाला था और करीब छह महीने पहले जून में गिदडांवाली स्थित मंदिर में आया था और यहां पुजारी का काम करता था। शनिवार सुबह करीब 5 बजे पुजारी की लाश मंदिर में बने कार्यालय में फंदे से लटकती देखकर उसकी पत्नी ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग व मंदिर कमेटी के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और इसकी सूचना थाना खुइयां सरवर को दी।
मौके पर पहुंचे सब इंस्पैक्टर बलजीत सिंह ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए अबोहर के सरकारी अस्पताल में रखवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस पूछताछ में मौत का कारण ये सामने आया है कि मृतक अपनी बीमारी से परेशान था और इसी परेशानी के कारण उसने फांसी लगाई है। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटी छोटी बच्चियां छोड़ गया है।
जिक्रयोग्य है कि कुछ वर्ष पहले इसी मंदिर में एक योगेश नामक पुजारी की बेटी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मार्ग पर कुछ वर्ष पहले आए रोज सड़क दुर्घटनाएं होती थी। सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए यहां बाबोसा मंदिर की स्थापना की गई जिसके बाद यहां दुर्घटनाएं होनी कम हो गई। मंदिर में हर साल भव्य जागरण भी किया जाता है, जिसमें दूर दराज से लोग पहुंच कर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं।