Saturday, 19 September 2026
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उत्तम शौच धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया पुष्पदंत भगवान का निर्वाण दिवस WOMEN JOURNOS PROTEST ATTACKS GOD IS A REALIZATION PERCEIVED THROUGH THE INTELLECT—THE THIRD EYE OF KNOWLEDGE THIRD MAJOR BLOW TO CROSS-BORDER DRUG SMUGGLING: 17KG MORE HEROIN SEIZED IN AMRITSAR; THREE HELD  MEHFIL-e-NOOR 2026 CELEBRATED IN GRAND STYLE AT ARYANS GROUP OF COLLEGES DRUGS CONTROL WING SEIZES DRUG FORMULATIONS FROM CHEMIST SHOPS IN CHANDIGARH ISB MARKS SILVER JUBILEE AT LEADERSHIP SUMMIT 2026 IN THE PRESENCE OF PUNJAB CHIEF MINISTER BHAGWANT MANN DRUG CONTROL TEAM SEIZES MEDICINES WORTH RS 43 LAKH IN FEROZEPUR WHEN GOVT BRINGS GANGSTERS OUT OF JAILS AND APPOINTS THEM CONSTITUENCY IN-CHARGES, DRUG MAFIA IS BOUND TO RUN AMOK: SUNIL JAKHAR UPI MDR: A SIMPLE GUIDE FOR CONSUMERS AND MERCHANTS
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उत्तम शौच धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाया पुष्पदंत भगवान का निर्वाण दिवस

चण्डीगढ़ : श्री दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर-27 बी में चल रहे पावन दशलक्षण पर्व के चौथे दिन आज उत्तम शौच धर्म की आराधना श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में की गई। इस अवसर पर भगवान की पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ श्रद्धालुओं ने आत्मशुद्धि, संतोष तथा विषय-वासनाओं एवं लोभ से दूर रहने की भावना को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। जैन परंपरा में उत्तम शौच को आंतरिक पवित्रता, संतोष तथा लोभ से मुक्ति से जोड़ा जाता है।

धार्मिक आयोजन में प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य एडवोकेट आदर्श जैन एवं तुलिका जैन को प्राप्त हुआ। प्रथम शांतिधारा करने का सौभाग्य करुण जैन एवं सौम्या जैन को प्राप्त हुआ, जबकि द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य डॉ. संयोग जैन, कैप्टन जे.के. जैन एवं श्रीमती शैल जैन को प्राप्त हुआ।

दशलक्षण विधान के दौरान सौधर्मेंद्र बनने का सौभाग्य एडवोकेट आदर्श जैन एवं तुलिका जैन को प्राप्त हुआ। कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य अनमोल जैन एवं नितिका जैन तथा ईशान इंद्र बनने का सौभाग्य सतीश जैन एवं इंदु जैन को प्राप्त हुआ।

उत्तम शौच धर्म का संदेश केवल बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि मन की शुद्धता और संतोष से जुड़ा है। जैन दर्शन में लोभ को कम करना, आवश्यकताओं की मर्यादा निर्धारित करना तथा उपलब्ध साधनों में संतोष रखना आत्मिक उन्नति की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है। जब मन लोभ, आसक्ति और विकारों से मुक्त होता है, तभी आत्मा की वास्तविक शुद्धता की ओर अग्रसर होने का मार्ग प्रशस्त होता है।

जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर श्री पुष्पदंत भगवान के निर्वाण दिवस के रूप में भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया। जैन परंपरा के अनुसार पुष्पदंत भगवान 24 तीर्थंकरों में नौवें तीर्थंकर हैं और उन्होंने सम्मेद शिखरजी से मोक्ष प्राप्त किया।

निर्वाण दिवस के पावन अवसर पर मंदिर में 9 किलोग्राम का निर्वाण लड्डू भगवान को समर्पित किया गया। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं द्वारा 1-1 किलोग्राम के 25 निर्वाण लड्डू भी अर्पित किए गए। जैन परंपरा में निर्वाण लड्डू अर्पित करना तीर्थंकर के मोक्ष कल्याणक के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का धार्मिक भाव है। निर्वाण का स्मरण साधक को कर्मों से मुक्ति, आत्मशुद्धि और मोक्ष के सर्वोच्च लक्ष्य की ओर प्रेरित करता है। आज की पूजन सामग्री श्रीमती कमल जैन एवं एडवोकेट आदर्श जैन परिवार की ओर से प्रायोजित की गई। आज के भोजन की व्यवस्था भी श्रीमती कमल जैन एवं एडवोकेट आदर्श जैन परिवार द्वारा की गई।

शाम के कार्यक्रम में 6:30 बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में बड़ी स्क्रीन पर “तमिल जैंस ” नामक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। यह डॉक्यूमेंट्री तमिल जैन समुदाय के अस्तित्व, उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान तथा विभिन्न कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच उनके संघर्ष की कहानी को सामने लाती है। डॉक्यूमेंट्री का निर्माण जिओ जैनिज़्म द्वारा किया गया है। इस विशेष कार्यक्रम का समन्वय अमित जैन एवं सुखदर्शन जैन द्वारा किया गया।

दशलक्षण पर्व के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है और श्रद्धालु आत्मचिंतन, संयम एवं धर्माराधना के माध्यम से आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्म बहादुर जैन, उपाध्यक्ष एडवोकेट आदर्श जैन, महासचिव संत कुमार जैन तथा कोषाध्यक्ष राजा बहादुर सिंह जैन सहित समिति के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।