Tuesday, 27 October 2026
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सांसद साहनी के निजी सदस्य विधेयक ऑनलाइन हेट स्पीच (प्रिवेंशन) बिल, 2024 को संसद में प्रस्तुत किए जाने की राष्ट्रपति ने स्वीकृति प्रदान की

नफरती भाषण पर जल्द सख्त सज़ा : सांसद साहनी
चण्डीगढ़ : राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने भारत के राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निजी सदस्य विधेयक ऑनलाइन हेट स्पीच (प्रिवेंशन) बिल, 2024 को संसद में प्रस्तुत किए जाने की राष्ट्रपति ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

डॉ साहनी ने कहा कि यह कानून समय की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान में नफरती भाषण से संबंधित कानूनी ढांचा मुख्यतः सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 पर आधारित है, जो उस समय बनाया गया था जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अस्तित्व में भी नहीं थे, और इसलिए आज के बदलते एवं जटिल ऑनलाइन हेट स्पीच के स्वरूप से निपटने में अपर्याप्त है।

डॉ. साहनी ने कहा कि आजकल विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नफरती भाषण आम हो गया है। कुछ लोग बिना किसी जिम्मेदारी या जवाबदेही के विभिन्न धर्मों और समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं।

विधेयक के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. साहनी ने बताया कि यह बिल ऑनलाइन हेट स्पीच पर अंकुश लगाने के लिए एक व्यापक और सशक्त तंत्र प्रस्तुत करता है, जिसमें हानिकारक सामग्री को रियल-टाइम या निर्धारित समय सीमा में हटाना, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाना, एआई आधारित निगरानी प्रणाली, तथा गुमनाम दुरुपयोग को रोकने के लिए उपयोगकर्ता सत्यापन शामिल हैं। इसके साथ ही, यह विधेयक दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करता है, जिसमें प्लेटफॉर्म पर जुर्माना तथा व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शामिल है। साथ ही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा हेतु अकादमिक, पत्रकारिता और कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए स्पष्ट अपवाद भी सुनिश्चित किए गए हैं।

डॉ. साहनी ने जानकारी दी कि यह विधेयक एक निर्णायक प्राधिकरण और अपीलीय अधिकरण जैसे संस्थागत तंत्रों का भी प्रावधान करता है तथा प्लेटफॉर्म के लिए पारदर्शिता रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाता है।

डॉ. साहनी ने आशा व्यक्त की कि यह विधेयक शीघ्र ही कानून का रूप लेगा, जिससे एक सुरक्षित, जिम्मेदार डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा और विशेष रूप से सोशल मीडिया पर नफरती भाषण के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता की प्रतिबद्धता और सुदृढ़ होगी।

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