फाजिल्का, फेस2न्यूज:
भारतीय संस्कृति महोत्सव होली पर फाजिल्का के विभिन्न चौकों पर बनछंटियों की लकड़ियों में बनाए विशाल ढेर पर गोबर के बने उप्पलों की मालाएं चढ़ाकर दिनभर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सायं चढ़ने के बाद होलिका दहन कर आग में से प्रल्हाद की मूर्ति को सुरक्षित बचा लिया।
फाजिल्का के प्रसिद्ध ऐतिहासिक घंटाघर चौक पर बीएसएफ की 52वीं बटालियन के कमांडेंट श्री महेश्वर प्रसाद, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती श्वेता वर्मा ने अन्य श्रद्धालुओं के साथ मिलकर होलिका दहन किया। जानकारी देते हुए आयोजक कमेटी के प्रवक्ता लीलाधर शर्मा व अतुल अग्रवाल ने बताया कि लगभग एक शताब्दी से फाजिल्का के विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन की परंपरा लगातार चलती आ रही है। यह त्यौहार श्रद्धा और धूमधाम से हर वर्ष मनाया जा रहा है। संजीव मार्शल व राजकुमार गुप्ता ने बताया कि होलिका दहन के बाद श्रद्धालु अपने अपने बर्तनों में यहां से अग्नि घर पर ले जाकर घरों में घूमाते हैं जो, पवित्र मानी जाती है। होलिका दहन के अवसर पर ढप्प की थाप पर होली के गीत भी गाए गए।
दिनभर पूजा-अर्चना के बाद होलिका दहन हुआ
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