(MOREPIC1) अमृतसर, फेस2न्यूज:
पंजाब सरकार ने यह घोषणा की है कि जी—20 देशों के अमृतसर में सम्मेलन के लिए शहर को सुंदर बनाने के लिए लगभग अस्सी करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। सरकार के अनुसार शहर सुंदर बनाया जाएगा। जाम न लगे यह प्रबंध होगा और विदेशी मेहमान अमृतसर से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, यह प्रयास किया जाएगा।
पूर्व मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला ने सरकार से सवाल उठाया है कि यह रुपया केवल सिविल लाइन की उन्हीं सड़कों पर खर्च करना है जहां विदेशी मेहमान आ रहे हैं तब यह अमृतसर वासियों के साथ अन्याय है। इससे पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर भी जो अरबों रुपये खर्च किए गए उनसे हमारे शहर को कुछ नहीं मिला। उदाहरण के लिए करोड़ों रुपयों से बना साइकिल ट्रैक ही गायब है और शहर के अंदर टूटी सड़कें तथा गंदगी है।
अमृृतसरवासियों की तरफ से पंजाब सरकार से निवेदन भी है और चेतावनी भी कि वे अगर इस बार भी सारा रुपया उसी रास्ते पर खर्च करना है जिस रास्ते से विदेशी देशी मेहमान आएंगे तो इसका सख्त विरोध किया जाएगा। पहले ही सरकार को भी और मेहमानों को भी यह प्रार्थना कर दी जाएगी कि वे शहर के अंदर आएं और शहर की हालत देखें। उसके बाद यह दोष न दिया जाए कि अमृतसर शहर और पंजाब के प्रशासन तथा सरकार की किरकिरी हुई।
उन्होंने कहा कि याद रखे सरकार जो अमृतसर शहर 12 दरवाजों की चारदीवारी के अंदर है वह असली अमृतसर है, जिसे सरकार लगातार भूल जाती है। स्मार्ट सिटी का पैसा कहां गया सरकार बताए और अब मार्च में होने वाले सम्मेलन का पैसा कहां खर्च आएगा यह भी जनता को सार्वजनिक तौर से बता दें।